बिहार : कोसी-गंडक नदी का रौद्र रूप, 30 लाख प्रभावित
नेपाल में हो रही आफत की बारिश का कहर बिहार पर टूटा है। कोसी, गंडक, बागमती, बूढ़ी गंडक, कमला बलान, महानंदा और गंगा नदी उफान पर हैं। कोसी नदी के बीरपुर बैराज के सभी 56 और गंडक नदी के वाल्मीकिनगर बैराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए हैं। बाढ़ के खतरे को देखते हुए उत्तर, दक्षिण और मध्य बिहार में अलर्ट जारी किया गया है। नदी किनारे और निचले इलाके से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। राज्य के 26 जिलों में 30 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन व जल संसाधन विभाग के अनुसार, सुबह 5 बजे तक कोसी नदी पर बने बीरपुर बैराज से 6.61 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो 56 साल में सर्वाधिक है। इससे पहले 1968 में 7.88 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा था। पश्चिमी चंपारण में गंडक नदी पर बैराज से भी सुबह 10 बजे तक 5.62 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे 13 जिलों में 17 लाख लोग प्रभावित हैं। चंपारण, गोपालगंज, अररिया, सुपौल, कटिहार, पूर्णिया में पानी भर गया। वहीं, गंगा में उफान से बक्सर, भोजपुर, पटना, सारण, समस्तीपुर, बेगूसराय, मुंगेर और भागलपुर में पहले से ही बाढ़ जैसे हालात हैं। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने रविवार को बचाव कार्यों की समीक्षा की।
सुरक्षित जगह जा रहे लोग
सीतामढ़ी जिले में बागमती नदी पर बना तटबंध रविवार को टूट गया। इससे कई गांव और निचले इलाकों में पानी भर गया। प्रशासन ने प्रभावित गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है। वहीं, भारी बारिश से शनिवार रात गोपालपुर के पास कोसी नदी के तटबंध से भी रिसाव शुरू हो गया।