नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने देश के अतिरिक्त 166 हरित क्षेत्रों में एनपीएनटी यानी ‘नो परमिशन-नो-टेकऑफ’ का अनुपालन करने वाले ड्रोन के संचालन को मंजूरी दे दी है।
स्वीकृत स्थलों पर भू स्तर से 144 फीट ऊपर ड्रोन के संचालन की अनुमति होगी। अब तक सिर्फ 66 हरित क्षेत्र में ही ड्रोन संचालन की अनुमति थी।
डीजीसीए के मुताबिक एनपीएनटी अनुपालन के तहत, रिमोट से चलने वाले प्रत्येक एयरक्राफ्ट (नैनो को छोड़कर) को भारत में संचालन से पहले डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म के माध्यम से वैध अनुमति लेनी होती है।
इस प्रावधान के तहत उपयोगकर्ताओं को ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य है जोकि दूर से संचालित विमान के लिए राष्ट्रीय मानव रहित यातायात प्रबंधन प्रणाली के रूप में कार्य करता है। इन स्वीकृत हरित क्षेत्रों में उड़ान भरने के लिए केवल डिजिटल स्काई पोर्टल या एप के माध्यम से उड़ानों के समय और स्थान की सूचना देनी जरूरी होती है।