दसवीं कक्षा के छात्र हर्षवर्धन ज़ाला ने हाल ही में संपन्न हुए वाइब्रेंट गुजरात सम्मिट में सरकार की विज्ञान काउंसिल के साथ 5 करोड़ रुपये का अग्रीमेंट साइन किया है। जाला ने एक एंटी लैंडमाइन ड्रोन का निर्माण किया है जिसके द्वारा सेना और अन्य सुरक्षा बल आसानी से बिछी हुई लैंडमाइन का पता लगा सकेंगे। इतना ही नहीं इस ड्रोन की मदद से सुरक्षा बल इसको नष्ट भी कर सकेंगे।
ड्रोन से पहले बनाया था रोबोट
अखबारों में लैंडमाइन से होने वाली जवानों की मौतों और घायल होने की खबरें पढ़ने के बाद ज़ाला ने इसके लिए कुछ करने का निर्णय लिया। इसके लिए पहले एक रोबोट बनाया था लेकिन उसका वजन ज्यादा होने से ब्लास्ट का ट्रिगर दबने की आशंका के चलते अपने इस आइडिया को ड्राप कर दिया। इसके बाद ज़ाला ने एक ड्रोन के प्रोटोटाइप पर काम शुरू किया जो आसानी से लैंडमाइन का पता लगा सके।