साइकिल किसकी होगी, फिलहाल अभी इस पर संस्पेंस बरकरार है, लेकिन चुनाव आयोग में इसकी सुनवाई के दौरान दोनों खेमों की दलीलें सुनकर यह तो स्पष्ट हो गया कि दोनों खेमों के बीच कड़वाहट अब काफी बढ़ गई है। मुलायम सिंह यादव भले ही मीडिया में कुछ दिनों से अपने बेटे के लिए कोई तल्ख टिप्पणी न कर रहें हों, लेकिन आयोग में सुनवाई के दौरान वह किसी हाल में झुकने को तैयार न दिखें।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक आयोग में सुनवाई के दौरान मुलायम खेमे के वकील काफी आक्रामक थे। मुलायम के वकीलों ने सुनवाई के दौरान अखिलेश यादव के दावों और आयोग में अखिलेश यादव खेमे की तरफ से पेश की गई हलफनामे की प्रमाणिकता पर गंभीर सवाल उठाए। मुलायम गुट ने आयोग में कहा कि, अखिलेश यादव के दावों के समर्थन में जा हलफनामें पेश किए गएं है, उनपर कई ऐसे लोगों के साइन हैं जो अब इस दुनिया में हैं ही नहीं। साथ ही कई ऐसे लोगों के भी साइन हैं जो आईसीयू में भर्ती हैं और कोमा में हैं।
मुलायम खेमे ने यह भी कहा कि, अखिलेश खेमे ने जो हपफनामे पेश किए हैं उनपर कई जगह 'हेल्ड(held)' शब्द की जगह 'हेल्प(help)' लिखा है, जो यह बताता है कि हलफनामे को कहीं से चोरी कर बनाया गया। साथ ही अखिलेश खेमे ने जो इतनी तादाद में कागजात जमा किए हैं उसका मकसद यह है कि आयोग इन्हें जांचनें में ज्यादा समय लगाए जिससे इन्हें भी तैयारी के लिए समय मिल जाएं।