गुजरात के सूरत में रहने वाला 14 साल का एक लड़का घर छोड़ कर मुंबई चला गया। उसने अपने घर वालों के लिए एक चिट्ठी छोड़ी थी। चिट्ठी पढ़कर माता-पिता के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत पुलिस को खबर दी। उसके भागने की वजह जब पता चली तो पुलिस को शंका हुई कि वह जरूर किसी परिचित के घर ही गया होगा। आखिरकार पुलिस ने पड़ताल कर उसका ठौर-ठिकाना ढूंढ निकाला।
पुलिस ने बताया कि आठवीं कक्षा में पढ़ने वाला छात्र सूरत के रंडेर इलाके में स्थित अपने घर से सोमवार की दोपहर भाग गया। रंडेर पुलिस थाने के निरीक्षक जे पी जडेजा ने बताया, ‘‘जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बच्चा और उसके माता-पिता चार साल पहले तक भयंदर इलाके में रहते थे और उसे वहां के अपने दोस्तों की बहुत याद आती थी। सूरत में वह सामान्य महसूस नहीं कर रहा था ।’’
उन्होंने बताया कि लड़का उस समय सूरत स्थित अपना घर छोड़ कर चला गया जब उसके माता-पिता कहीं गए हुए थे । जब वह नहीं मिला तो उसके पिता ने पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
यह लिखा था चिट्ठी में
जडेजा ने कहा कि घर से भागने से पहले किशोर ने एक चिठ्ठी छोड़ी थी जिसमें लिखा था, ‘‘मम्मी और पापा, मैंने आपको बहुत दुख दिया है, लेकिन अब मैं बहुत दूर जा रहा हूं। स्कूल की ऑनलाइन कक्षाओं में जो कुछ पढ़ाया जाता है, वह सब मेरे समझ में नहीं आता। सभी दुखों के लिये मुझे माफ कर दीजिए।’’
कोरोना वायरस महामारी के कारण देश के बाकी कई राज्यों की तरह गुजरात में भी दसवीं एवं 12 वीं कक्षा को छोड़कर सभी कक्षाओं में ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है। जडेजा ने कहा, ‘‘हमने लड़के की तलाश शुरू की। भयंदर में रहने वाले उसके चाचा ने बुधवार को लड़के के पिता को फोन कर बताया कि वह सुरक्षित घर पर पहुंच चुका है। इसकी जानकारी मिलने के बाद बच्चे के माता-पिता उससे मिलने के लिए मुंबई रवाना हो गए। पुलिस ने हालांकि, यह नहीं बताया कि बच्चा भयंदर कैसे पहुंचा।