भारत में भी तालिबानी विद्रोहियों के समर्थन में लोग आगे आ रहे हैं। नेता, शायर से लेकर आम लोग भी तालिबान के पक्ष में खुलकर बोल रहे हैं। असम में पुलिस ने तालिबानी समर्थकों को धर दबोचा है।
अफगानिस्तान में तालिबान के समर्थन करने वालों की फेहरिस्त बढ़ती जा रही है। भारत में भी तालिबानी विद्रोहियों के समर्थन में लोग आगे आ रहे हैं। नेता, शायर से लेकर आम लोग भी तालिबान के पक्ष में खुलकर बोल रहे हैं। असम में पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि ये सभी सोशल मीडिया पर तालिबान का समर्थन कर रहे थे। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
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भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि गिरफ्तारियां शुक्रवार रात से की गई हैं और उन पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, आईटी अधिनियम और सीआरपीसी की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों से तालिबान के समर्थन में पोस्ट किए गए, जिसके बाद पुलिस ने क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गौरतलब है कि अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद मशहूर शायर मुनव्वर राना ने कहा था कि तालिबान से ज्यादा हथियार भारत में रहने वाले माफियाओं के पास हैं। इसके अलावा, उन्होंने तालिबान और महर्षि वाल्मीकि की तुलना भी कर दी थी। मुनव्वर राना के अलावा सपा के एक सांसद ने भी तालिबान के समर्थन में बयान दिया था। इसके अलावा एआईएमआईएम प्रमुख असददुदीन ओवैसी ने भी तालिबान के पक्ष में बयान दिया था।