चंबा के वन मंडल भरमौर के तुंदाह जंगल में प्रदेश का पहला सफेद बंदर (एल्बिनो रीसस मकाक) देखने को मिला है। भारत में यह अपनी तरह की केवल दूसरी खोज है। इससे पहले वर्ष 2022 में असम में ऐसा सफेद रीसस मकाक दर्ज किया गया था। रविवार को तुंदाह क्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान वन रक्षक कुशल कुमार की नजर बंदरों के एक झुंड पर गई। तभी उनकी दृष्टि एक मादा बंदर की पीठ पर बैठे पूरी तरह सफेद बंदर पर ठहर गई। उन्होंने तुरंत कैमरे में इस दुर्लभ दृश्य को कैद कर वन मंडल अधिकारी को अवगत कराया।
स्थानीय वन अधिकारियों के अनुसार यह कोई अलग प्रजाति नहीं, बल्कि सामान्य भूरे रीसस मकाक का एल्बिनो स्वरूप है। जहां जन्मजात आनुवंशिक कारणों से त्वचा और बालों में मेलेनिन का निर्माण बेहद कम या बिल्कुल नहीं होता। इसी कारण यह बंदर सिर से लेकर पूंछ तक चमकदार सफेद दिखाई देता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि एल्बिनो प्रकृति की अत्यंत दुर्लभ उपज होते हैं। जंगल में इनका दिखाई देना न केवल वैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि जैव विविधता के प्रति संवेदनशीलता को भी नई दिशा देता है।