सिरसा नदी की स्थिति चिंताजनक
बद्दी और कालाअंब से निकलने वाले अपशिष्ट से सिरसा नदी की स्थिति अत्यधिक चिंताजनक है। सिरसा नदी के कई हिस्सों में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड का स्तर राष्ट्रीय मानकों से कई गुना अधिक पाया गया। सिरसा नदी में बीओडी का स्तर अधिक होने के कारण पानी में घुली ऑक्सीजन की मात्रा खतरनाक रूप से कम हो गई है, जिससे जलीय जीवों के लिए यह स्थिति घातक हो सकती है।
गिरी, अश्विनी खड्ड में भी प्रदूषण गंभीर
गिरी और अश्विनी खड्ड जैसी छोटी नदियों में भी जल प्रदूषण की समस्या गंभीर होती जा रही है। रिपोर्ट में अश्विनी खड्ड के पानी को गंभीर रूप से प्रदूषित पाया गया, विशेषकर उस स्थान पर जहां शहरी नालों का गंदा पानी नदी में मिलता है। इस नदी के पानी में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड और कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मात्रा मानकों से कई गुना अधिक पाई गई, जिससे इसे ‘सी’ श्रेणी में रखा गया है, जो जल की अत्यधिक खराब गुणवत्ता को दर्शाता है।
रिपोर्ट में नदियों में जल गुणवत्ता की विस्तृत जांच की गई है। जल की गुणवत्ता का आकलन राज्य के विभिन्न हिस्सों में चयनित 243 स्थानों पर किया गया। इसमें 191 नदी जल, 52 भूजल और अन्य जल स्रोत शामिल हैं। ये नमूने मासिक आधार पर लिए गए और विभिन्न मानकों पर जांच की गई है - अनिल जोशी, सदस्य सचिव, प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड