नवनिर्वाचित पंचायत वार्ड सदस्यों को दिलाई शपथ।
- फोटो : संवाद
हिमाचल प्रदेश में हाल ही में नवनिर्वाचित 3,758 पंचायतों की पहली बैठक शनिवार को हुई। पंचायतीराज विभाग ने सभी पंचायतों को बैठक के संचालन और विकास कार्यों से जुड़े एजेंडे जारी किए थे। पहली बैठक में नवनिर्वाचित प्रधान और उपप्रधान वार्ड सदस्यों को शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही पंचायतों में आगामी विकास कार्यों की दिशा तय करने के लिए विभिन्न प्रस्ताव भी पारित किए गए। पंचायतें अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क संपर्क, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल, वर्षाशालिकाओं, सार्वजनिक सुविधाओं के विकास तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े प्रस्ताव तैयार करेंगे।
बैठक में मानसून को देखते हुए भूस्खलन, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यक तैयारियों पर भी चर्चा हुई। पंचायतों को अपने क्षेत्रों की प्राथमिकताओं के आधार पर विकास योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में इस बार परिसीमन के बाद 201 के करीब नई पंचायतों का गठन हुआ है। इनमें से अधिकांश पंचायतों के पास अपने भवन नहीं हैं। ऐसे में पंचायतीराज विभाग ने इन पंचायतों को अस्थायी रूप से किसी अन्य सरकारी भवन, स्कूल, सामुदायिक भवन या उपयुक्त सरकारी परिसर में बैठक आयोजित करने की अनुमति दी थी। विभाग का कहना है कि स्थायी पंचायत भवन बनने तक इसी व्यवस्था के तहत पंचायतों का कामकाज संचालित किया गया।
पहली बैठक में विभिन्न स्थायी समितियों के गठन, पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं की प्राथमिकता तय करने तथा आगामी महीनों में किए जाने वाले कार्यों की रूपरेखा भी तैयार की गई। पहली बैठक को पंचायतों के नए कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत के साथ-साथ ग्रामीण विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पंचायतीराज विभाग के अतिरिक्त निदेशक केवल शर्मा ने बताया कि निर्वाचित पंचायतों की पहली बैठक हुई। पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों पर सरकार की पूरी निगरानी है।