झाड़ू लगाकर अपना विरोध जताते हुए वोकेशनल शिक्षक।
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वोकेशनल शिक्षकों का प्रदर्शन शनिवार को लगातार छठे दिन भी जारी है। वोकेशनल शिक्षकों ने शनिवार को राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में स्वच्छता अभियान चलाकर अपना विरोध जताया। बता दें कि बीते दिनों शिक्षकों ने बूट पॉलिश कर और गाड़ियों को साफ कर भी अपना विरोध जताया था
उधर समग्र शिक्षा निदेशक से शिक्षकों की बैठक बेनतीजा रही। वीरवार रात एक शिक्षिका बीमार हो गई। देर रात सांस लेने में तकलीफ के बाद शिक्षिका को दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली। कई शिक्षक चार नवंबर से ही चौड़ा मैदान में तंबू लगाकर दिन-रात डटे हुए हैं। शिमला की सर्द रातें भी तंबू के बीच रहकर ही गुजार रहे हैं।
निजी कंपनियों को बाहर करने की मांग को लेकर बीते पांच दिनों से वोकेशनल शिक्षकों का धरना प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा। राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में प्रदर्शन होने से स्कूलों में वोकेशनल शिक्षा पूरी तरह से ठप है। शिक्षक संघ के अध्यक्ष अश्वनी ढटवालिया ने कहा कि हरियाणा की तर्ज पर हमारे लिए नीति बनाई जानी चाहिए। निजी कंपनियों को बाहर कर सरकार को वोकेशनल शिक्षकों को शिक्षा विभाग के अधीन लेना चाहिए। वेतन का एरियर भी शिक्षकों को जल्द जारी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वोकेशनल शिक्षक बीते कई वर्षों से नवीं से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को शिक्षा देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वोकेशनल शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी लगातार प्रदेश में बढ़ रही है। ऐसे में सरकार को भी सहानुभूति पूर्वक इस मामले पर विचार करना चाहिए।