पूर्व कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर ने देवेंद्र भुट्टो से रिश्तों पर स्थिति साफ करते हुए कहा कि दोनों के बीच कोई व्यक्तिगत दोस्ती नहीं है, वे केवल एक ही पार्टी के कार्यकर्ता हैं।
हिमाचल प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा में सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर ने देवेंद्र भुट्टो से रिश्तों पर स्थिति साफ करते हुए कहा कि दोनों के बीच कोई व्यक्तिगत दोस्ती नहीं है, वे केवल एक ही पार्टी के कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में निजी द्वेष के लिए जगह नहीं होती और सभी मिलकर संगठन का काम करते हैं।
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बुधवार को शिमला में पत्रकारों से बातचीत में 2027 के चुनाव में अपनी भूमिका पर कंवर ने कहा कि वह पार्टी के समर्पित सिपाही हैं। संगठन जो भी फैसला करेगा, वह मान्य होगा। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्टी चुनाव से पहले सही आकलन कर पुराने व समर्पित कार्यकर्ताओं को मैदान में उतारेगी। बता दें कि 2022 के चुनाव में भुट्टो और कंवर आमने-सामने थे।
बाद में भुट्टो भाजपा में शामिल हुए, लेकिन उपचुनाव हार गए। कंवर ने कांग्रेस सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि सुक्खू सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है। चार साल में 10 में से एक भी चुनावी गारंटी पूरी नहीं हुई और प्रदेश में विकास कार्य ठप पड़े हैं। उन्होंने भाजपा में गुटबाजी के मुख्यमंत्री के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज किया।