वीरभद्र सिंह सरकार के मंत्रिमंडल ने अपनी पहली ही बैठक में पीटीए शिक्षकों को नियमित करने के लिए नीति बनाने का फैसला लिया है। शिक्षा विभाग में इस समय करीब 6800 पीटीए शिक्षक कार्यरत हैं। पिछले पांच वर्षों के दौरान बंद किए गए सरकारी स्कूलों को दोबारा खोलने पर भी विचार किया जाएगा। कैबिनेट ने धूमल सरकार में पिछले छह महीने में लिए गए फैसलों पर पुनर्विचार का निर्णय लिया है। सभी सेवा विस्तार तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया है कि राजनीतिक आधार या राजनीतिक आंदोलन के आधार पर दर्ज ऐसे आपराधिक मामलों को वापस लिया जाएगा जिनमें कोई हिंसा या टूट-फूट शामिल नहीं थी। कैबिनेट ने सभी सेवा विस्तारों और पुनर्रोजगार को तत्काल प्रभाव से रद करने का निर्णय लिया। राज्य सचिवालय में सेकेंडमेंट आधार पर कार्यरत जिन कर्मचारियों को उनके मूल विभागों में वापस भेजा गया है, उन्हें दोबारा सचिवालय लाया जायेगा।
बैठक में विद्या स्टोक्स, कौल सिंह, जीएस बाली, सुजान सिंह पठानिया, ठाकुर सिंह भरमौरी, मुकेश अग्निहोत्री, सुधीर शर्मा, प्रकाश चौधरी और धनी राम शांडिल शामिल थे।
विधानसभा का पहला सत्र 8 जनवरी से
कैबिनेट ने 12वीं विधानसभा का पहला सत्र 8 से 11 जनवरी, 2013 तक धर्मशाला में आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसमें विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी। इसी दौरान विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव भी किया जायेगा। यह निर्णय भी हुआ है कि चूंकि नये वर्ष में नई विधानसभा का यह पहला सत्र है, इसलिए राज्यपाल का अभिभाषण भी होगा।
घोषणा पत्र अब सरकार का दस्तावेज
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी कैबिनेट ने हिमाचल के लोगों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने कांग्रेस पार्टी को पुन: सत्ता में लाने के लिए सहयोग दिया। मंत्रिमंडल की बैठक में कांग्रेस पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र को सरकार के आधिकारिक दस्तावेज के रूप में अपनाने का निर्णय लिया गया।