सीबीआई की ओर से अदालत में सौंपी गई जांच रिपोर्ट के मुताबिक 21 मार्च को सुबह 8:07 से 8:20 के बीच पंकज ने शिमला सदर थाने के कंप्यूटर में पेन ड्राइव लगाई और फाइलें खोलीं। इसी थाने में एएसआई पंकज शर्मा तैनात था। सीबीआई का आरोप है कि विमल नेगी को आत्महत्या के लिए उकसाने वालों को बचाने के लिए एएसआई पंकज शर्मा ने जानबूझ कर सबूत नष्ट किया।
पेन ड्राइव 15 अप्रैल को एसआईटी ने जब्त की थी और फोरेंसिक जांच में भी पेन ड्राइव फॉर्मेट की पुष्टि हुई है। सीबीआई के मुताबिक विमल नेगी को आत्महत्या के लिए उकसाने के षड्यंत्र में एक से अधिक व्यक्ति शामिल हैं। सीबीआई ने हिरासत के दौरान एएसआई पंकज के मोबाइल फोन के डाटा की भी जांच की है, जिसमें कई आपत्तिजनक तथ्य सामने आए हैं। सीबीआई ने कोर्ट को बताया है कि एएसआई पंकज शर्मा जांच में सहयोग नहीं कर रहा, पेन ड्राइव में क्या डाटा था, फॉर्मेट करने से पहले उसने डाटा कहां सेव करके रखा, उसकी जानकारी हासिल करना जरूरी है।