ऊना। बेरोजगार युवाओं को रोजगार की राह दिखाने के लिए सरकार अब बस रूटों का सहारा ले रही है। राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत जिला में 50 नए बस रूट आवंटित करने की तैयारी शुरू हो गई है।
नए रूट तय करने को उपमंडल स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में बैठकें दौर शुरू हो गया है। एसडीएम, हिमाचल पथ परिवहन निगम, श्रम एवं रोजगार विभाग, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी और निजी बस ऑपरेटरों के सदस्य रूट तय करने को लेकर प्रारूप तैयार करने कर प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नए रूट तय करने को लेकर ऐसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है जहां सार्वजनिक परिवहन की सुविधा सीमित है या यात्रियों की मांग के अनुरूप बस सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं। सरकार इलेक्ट्रिक और डीजल दोनों तरह की बसों की खरीद पर अनुदान देगी।
उपमंडल स्तर पर नए रूट तय होने के बाद पात्र युवा अपनी इच्छानुसार डीजल या ई-बस खरीद सकता है। योजना के तहत सरकार डीजल बस के एक्स शोरूम मूल्य पर 30 प्रतिशत और ई-बस खरीद पर 50 प्रतिशत अनुदान देगी। इसके अलावा नए रूट पर ई-बस चलाने वाले को प्रदेश सरकार 75 हजार रुपये और डीजल बस चलाने वाले को 50 हजार रुपये प्रतिमाह देगी।
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक की आयु सीमा आमतौर पर 21 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए और रोजगार कार्यालय में पंजीकरण अनिवार्य है। योजना के तहत ऊना जिले के पांचों उपमंडलों ऊना, अंब, गगरेट, हरोली और बंगाणा में 10-10 नए बस रूट आवंटित किए जाएंगे।
इन रूटों पर स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर बसें चलाने का अवसर मिलेगा।