ऊना। जिले के 213 गांवों में क्षय रोग (टीबी) की समय रहते पहचान और रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत इन गांवों में घर-घर जाकर लोगों के एक्स-रे किए जाएंगे ताकि छिपे हुए मरीजों की पहचान कर उनका जल्द उपचार शुरू किया जा सके। केंद्रीय टीबी डिवीजन ने इन गांवों को क्षय रोग को लेकर अति संवेदनशील घोषित किया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस अभियान के लिए इन गांवों का चयन केंद्रीय टीबी डिवीजन द्वारा किया गया है। चयनित क्षेत्रों में मोबाइल एक्सरे वैन के माध्यम से लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके साथ ही संदिग्ध मरीजों के बलगम के नमूने भी लिए जाएंगे जिनकी जांच कर टीबी की पुष्टि की जाएगी।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी के मामलों को शुरुआती चरण में पकड़ना है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। इसके लिए स्वास्थ्य टीमें गांव-गांव जाकर लोगों को टीबी के लक्षणों के प्रति जागरूक भी करेंगी। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें
पांचों स्वास्थ्य खंडों में चलेगा अभियान
जिले के पांचों स्वास्थ्य खंडों में जांच अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य खंड अंब के 35, स्वास्थ्य खंड बसदेहड़ा में 73, गगरेट के 31, हरोली के 47, थानाकलां के 27 गांवों को चयनित किया गया है।
जिले के 213 गांवों को केंद्रीय टीबी डिवीजन ने क्षय रोग को लेकर अति संवेदनशील घोषित किया है। इन गांवों में जांच प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाएगा। इन गांवों में सभी लोगों के एक्सरे किए जाएंगे।
-डॉ. विशाल ठाकुर, जिला क्षय रोग अधिकारी ऊना