क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना पहुंच रहे 100 से करीब मरीज
मरीजों में अधिकतर संख्या बुजुर्गों की
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। सर्दियों का मौसम शुरू होते ही लोगों में जोड़ों के दर्द की समस्याएं बढ़ने लगी हैं। जिले में इन दिनों न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जिसके चलते सुबह और देर शाम ठंडक काफी बढ़ गई है। क्षेत्रीय अस्पताल में प्रतिदिन करीब 100 मरीज जोड़ों के दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सक लोगों को ठंड से बचाव के साथ-साथ खानपान पर विशेष ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं।
जिले में सुबह-शाम बढ़ती ठंड के चलते वायरल संक्रमण के साथ अर्थराइटिस (जोड़ों का दर्द) के मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। हड्डी रोग ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। क्षेत्रीय अस्पताल के साथ-साथ अन्य सरकारी व निजी अस्पतालों में भी ऐसे मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। इनमें बुजुर्गों और महिलाओं की संख्या अधिक पाई जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में आ रहे बदलाव और ठिठुरन इस समस्या को और बढ़ा रहे हैं। खासकर कमर और घुटनों के दर्द के मरीज अधिक मिल रहे हैं।
अर्थराइटिस आम समस्या है, लेकिन समय पर उपचार न होने पर यह गंभीर रूप ले सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलता मौसम जोड़ों पर सबसे अधिक प्रभाव डालता है, ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं दिक्कतें
सर्दी का मौसम अभी शुरुआत में है, लेकिन इसका असर दिखना शुरू हो गया है। तापमान में और गिरावट आने पर जोड़ों के दर्द के साथ ही सांस के रोगियों की परेशानी भी बढ़ सकती है। चिकित्सकों के अनुसार, सर्दियों में अस्थमा रोगियों की समस्या बढ़ने की आशंका सबसे अधिक रहती है।
कोट्स
सर्दी के मौसम में जोड़ों के दर्द के मरीज बढ़ जाते हैं। आर्थो ओपीडी में रोजाना मरीज पहुंच रहे हैं। लोगों से अपील है कि ठंड में अपना विशेष ध्यान रखें और परेशानी होने पर तुरंत जांच करवाएं। -डॉ. संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना