ऊना। पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव परिणाम घोषित होते ही रविवार को जिलेभर में जश्न का माहौल बन गया। मतगणना केंद्रों से परिणाम आने के साथ ही विजयी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचकर खुशी का इजहार किया। कई स्थानों पर समर्थकों ने विजेताओं को कंधों पर उठाकर विजय जुलूस निकाले, जबकि गांवों में देर रात तक जीत का उत्सव चलता रहा।
जिला मुख्यालय स्थित राजकीय महाविद्यालय ऊना के मतगणना केंद्र में सुबह 9 बजे पांचों उपमंडलों की बीडीसी और जिला परिषद सीटों की मतगणना शुरू हुई। शुरुआती दौर में सभी उम्मीदवार और उनके समर्थक परिणामों को लेकर उत्सुक नजर आए। सुबह करीब 10:30 बजे के बाद नतीजे आने शुरू हुए और 10:43 बजे बीडीसी सीट पनोह का पहला परिणाम घोषित हुआ। इसके बाद पूरे दिन परिणामों का सिलसिला जारी रहा।
मतगणना केंद्र के बाहर जीत की सूचना मिलते ही समर्थकों ने विजयी उम्मीदवारों को कंधों पर उठा लिया। ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजों की धुन पर समर्थक जमकर नाचे। विजेताओं को फूलों की मालाएं पहनाकर मिठाइयां बांटी गईं। वहीं, हार का सामना करने वाले उम्मीदवार और उनके समर्थक मायूस होकर मतगणना केंद्र से लौटते नजर आए।
ऊना उपमंडल की कई महत्वपूर्ण बीडीसी सीटों के नतीजे शाम 6 बजे तक सामने आ गए। इनमें धमांदरी, नारी, नंगल सलांगड़ी, बसाल लोअर, टक्का और बसोली सहित अन्य क्षेत्रों के परिणाम शामिल रहे। हालांकि पूरे दिन राजनीतिक हलकों और समर्थकों की नजरें ऊना उपमंडल की जिला परिषद की चर्चित सीट पर टिकी रहीं, जिसका परिणाम देर शाम करीब 5:30 बजे घोषित हुआ।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष का बेटा हारा
बंगाणा/ऊना। ऊना उपमंडल की जिला परिषद की हॉट सीट पर कुटलैहड़ के कांग्रेस विधायक विवेक शर्मा समर्थित उम्मीदवार सुमित शर्मा ने कड़े मुकाबले में कांग्रेस जिला अध्यक्ष देसराज गौतम के पुत्र शोभित गौतम को पराजित कर जीत दर्ज की। परिणाम घोषित होते ही विधायक समर्थक खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने सुमित शर्मा को कंधों पर उठाकर विजय जुलूस निकाला। गले में फूलों की मालाएं पहनाई गईं और ढोल-नगाड़ों की थाप पर देर तक जश्न मनाया गया। मतगणना के अनुसार सुमित शर्मा को 5,431 मत प्राप्त हुए, जबकि उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी शोभित गौतम को 4,475 वोट मिले। इस प्रकार सुमित शर्मा ने 956 मतों के अंतर से विजय हासिल की। राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे इस मुकाबले के परिणाम ने जिला कांग्रेस की अंदरुनी सियासत को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया। एक ओर विधायक समर्थित उम्मीदवार की जीत ने उनके खेमे को मजबूती दी, वहीं जिला अध्यक्ष के पुत्र की हार राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही। पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर और पूर्व विधायक देवेंद्र भुट्टो समर्थित उम्मीदवार भी इस आंधी के आगे टिक नहीं पाए।
व्यापक दिखे सुरक्षा के प्रबंध
मतगणना केंद्र के बाहर सुरक्षा के भी व्यापक प्रबंध किए गए थे। केंद्र में पुलिस जांच और प्रशासनिक मंजूरी पर ही प्रवेश की अनुमति दी गई। केंद्र के विभिन्न कमरों में पुलिस कर्मचारी लगातार पहरा देते रहे। सुबह से देर शाम तक यही सिलसिला जारी रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परिणाम घोषित होने के बाद देर शाम तक समर्थकों के जश्न और विजयी नारों से मतगणना केंद्र और आसपास का क्षेत्र गूंजता रहा।