ऊना। यदि केंद्र सरकार ने पूर्व सैनिकों की पीड़ा नहीं समझी, तो आने वाले दिनों में सांसदों का काले झंडों से स्वागत किया जाएगा। इसलिए आज नववर्ष के पहला दिन काला दिवस के रूप में मनाया है। यह बात संयुक्त मोर्चा आफ एक्स सर्विसमैन जेसीओ एवं ओआर हिमाचल प्रदेश के आह्वान पर एमसी पार्क ऊना में किए रोष प्रदर्शन के दौरान कैप्टन शक्ति चंद ने कही।
उन्होंने कहा कि वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) के लिए दिया करोड़ों रुपये कहां गए, इस पर सरकार स्थिति स्पष्ट करे। दोषियों पर कार्रवाई करे। पूर्व सैनिकों ने नववर्ष शुभ अवसर पर दुखी मन से, बाजुओं पर काली पट्टी बांध और हाथों में काले झंडे लिए काला दिवस मनाया है। इस दौरान पूर्व सैनिकों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
इस दौरान कैप्टन शक्ति चंद, राजेंद्र शर्मा, पूर्व भारतीय वायु सैनिक संगठन से हरीश चंद्र शर्मा सहित कई पूर्व सैनिकों ने सर्वप्रथम एमसी पार्क ऊना के शहीद स्मारक में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद कैप्टन शक्ति चंद ने बताया कि फरवरी 2023 से पूर्व सैनिक जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे हैं। पूर्व सैनिकों ने देश के कोने-कोने से उपायुक्तों के माध्यम से रक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को अपने ज्ञापन भेजकर समस्याओं से अवगत कराने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान दिल्ली में शांति पूर्ण रैली की। सांसदों से मिले, मगर अभी तक किसी के कान पर जूं नहीं रेंगी। कोई असर नहीं हुआ। हमारी केंद्र सरकार से एक ही मांग है कि सुप्रीम कोर्ट के तीन सेवानिवृत्त जजों की कमेटी से जांच तो करवाए कि सरकार की ओर से वन रैंक वन पेंशन के लिए दिया करोड़ों रुपये कहां गया।
शक्ति चंद ने कहा कि पूर्ण विश्वास है कि केंद्र सरकार हमारी समस्याओं का समाधान आवश्य करेगी। हमें न्याय मिलेगा, फिर भी यदि सरकार हमारी पीड़ा नहीं समझती, तो विचार विमर्श के बाद शांति पूर्ण तरीके से सांसदों का काले झंडों से स्वागत किया जा सकता है। इस अवसर पर शक्ति चंद, स्वदेश शर्मा, राजेंद्र शर्मा, मलूक चंद, श्याम लाल शर्मा, सुरजीत सिंह, रमेश चंद, अमरीक सिंह, कश्मीरी लाल, राम सिंह, दिलबाग सिंह, महेंद्र सिंह, हरीश चंद शर्मा, बलवीर सिंह राणा, राजेश शर्मा आदि पूर्व सैनिक मौजूद रहे।