बरसात की पहली बारिश में बहडाला स्कूल पानी से लवालव।संवाद
ऊना। जिले में सोमवार को करीब छह घंटे तक हुई लगातार बारिश ने कई सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूल खुलने के पहले ही दिन कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मानूसन की पहली ही बारिश में कई स्कूल परिसरों में पानी भर जाने के कारण बच्चों को पढ़ाई शुरू होने से पहले ही वापस घर लौटना पड़ा।
सबसे गंभीर स्थिति ऊना उपमंडल की राजकीय प्राथमिक पाठशाला बहडाला में देखने को मिली। यहां स्कूल परिसर में करीब तीन फीट तक पानी भर गया। जलभराव इतना अधिक था कि पानी स्कूल की कक्षाओं के भीतर तक पहुंच गया। स्कूल परिसर तालाब में तब्दील होने के कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों का स्कूल में प्रवेश करना मुश्किल हो गया। ऐसे में सुरक्षा के मद्देनजर बच्चों को वापस घर भेजना पड़ा। उधर, बसाल स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के मुख्य मार्ग पर भी बारिश का पानी जमा हो गया। सड़क पर जलभराव होने से विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने और वापस घर लौटने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। छोटे बच्चों को अभिभावकों की मदद से पानी से होकर गुजरना पड़ा। वहीं बंगाणा क्षेत्र के जटेहड़ी स्कूल में भी जलभराव की समस्या सामने आई, जिससे स्कूल की सामान्य गतिविधियां प्रभावित रहीं।
उपनिदेशक जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग सोमलाल धीमान ने बताया कि कुछ स्कूलों में जलभराव के मामले सामने आए हैं। विभाग की टीम ने ऐसे सभी स्कूलों में जाकर स्थिति का आकलन किया है। कसमस्या के समाधान को लेकर जल्द जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
क्या बोले अभिभावक
अभिभावकों में राजेश कुमार, हरप्रीत सिंह, जसविंद्र सैनी, अरविंद कुमार, यशपाल सिंह और अजमेर सिंह ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूलों में कोई पुख्ता व्यवस्था नजर नहीं आया। उन्होंने कहा कि यदि मानसून की शुरुआत में ही यह हाल है तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। अभिभावकों ने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से स्कूल परिसरों और संपर्क मार्गों में जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित माहौल में शिक्षा मिल सके।
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बरसात की पहली बारिश में बहडाला स्कूल पानी से लवालव।संवाद