जम के बरसे बादल...ऊना में हुई तेज बारिश के बाद सड़कों में भरे पानी से निकलते वाहन ।संवाद
ऊना। सड़क सुरक्षा और आपदा के पुख्ता इंतजाम के दावों को मानसून की पहली ही बारिश अपने साथ बहा ले गई। हालात ऐसे पैदा हो गए कि ऊना-संतोषगढ़ सड़क मार्ग कुछ स्थानों पर पूरी तरह से जलमगन हो गया। बारिश से ऊना-संतोषगढ़ सड़क पर रामपुर खड्ड में जलस्तर बढ़ते ही प्रशासनिक तैयारियों की हकीकत सामने आ गई। बड़े वाहनों के लिए बनाया गया वैकल्पिक मार्ग भी पानी की चपेट में आने से बंद हो गया जबकि बैली ब्रिज से केवल छोटे वाहनों की आवाजाही जारी रही।
हैरानी की बात यह रही कि लोक निर्माण विभाग ने बंद मार्ग के बाद दूसरे वैकल्पिक रास्तों की जानकारी देने के लिए कहीं भी सूचना बोर्ड नहीं लगाया। नतीजतन भारी वाहन चालक, स्कूल बसें और अन्य वाहन चालक काफी देर भटकते रहे। बच्चों से भरी स्कूल बसों के चालक रास्ता पूछते नजर आए लेकिन जिम्मेदार विभाग मौके पर व्यवस्था बनाने के बजाय मूकदर्शक बना रहा।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई लोगों ने जान जोखिम में डालकर रामपुर खड्ड के तेज बहाव के बीच से गुजरने का प्रयास किया। तेज बहते पानी के बीच वाहनों और लोगों की आवाजाही ने किसी भी बड़े हादसे की आशंका को बढ़ा दिया लेकिन सुरक्षा इंतजाम नदारद रहे। बच्चों को लेकर पेखुबेला नवोदय स्कूल के लिए जा रही बसों को स्थानीय लोगों ने रोक कर दूसरे रास्ते से जाने को कहा।
दूसरी ओर पेखुबेला के पास सड़क पूरी तरह से जलमगन हो गई जिसके कारण वाहन चालकों का दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश के पानी की कोई निकासी न होने के कारण सड़क में पानी एकत्र हो गया। लोक निर्माण विभाग मंडल ऊना के अधिशासी अभियंता केएस ठाकुर का कहना है कि बड़े वाहनों के लिए चंद्रलोक कॉलोनी से व्यवस्था की जाएगी। जनता की सुविधा के लिए सूचना बोर्ड को चौक पर लगाया जाएगा।