पंचायत प्रधान और प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने मिल्क प्लांट का किया निरीक्षण
मिल्क प्लांट के संचालक को नोटिस जारी करेगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
गांववासी लंबे समय से कर रहे मिल्क प्लांट का विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। गगरेट क्षेत्र के कुठेड़ा जसवालां गांव में रिहायशी इलाके में मिल्क प्लांट संचालित करने के मामले में गांववासियों का विरोध बढ़ता जा रहा है। बीते वीरवार को जहां प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने प्रभावित स्थल का निरीक्षण किया वहीं शुक्रवार को गांववासियों ने बीडीओ गगरेट से मुलाकात भी की। इसके बाद बीडीओ ने पंचायत प्रधान से जवाब तलब किया है।
जानकारी के अनुसार कुठेड़ा जसवालां के वार्ड-6 में एक स्थानीय व्यक्ति ने मिल्क प्लांट लगाया हुआ है जो रिहायशी इलाके में है और प्लांट का पानी गांव के रास्ते में छोड़ा जा रहा है। इस पर आपत्ति जताते हुए बीते दिनों गांववासियों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शिकायत दी थी। गांववासियों ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय पंचायत प्रधान उनका बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहे। इस मामले में गांववासी शुक्रवार को बीडीओ गगरेट सुरेंद्र जेतली से मिले।
कुठेड़ा जसवालां के वार्ड-6 की निवासी निर्जला कुमार, पूनम कुमारी पत्नी परवीन कुमार, ज्योति बाला, मनीश कुमार, स्नेहलता, चंचला देवी, त्रिशला देवी, कांता देनी, जोगिंद्र सिंह, मीना रानी, ऊषा रानी, जसविंदर सिंह, अजय कुमार सहित अन्य ने आरोप लगाया कि स्थानीय पंचायत प्रधान आरोपी का साथ दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को भी प्लांट का गंदा पानी प्रवाहित होता रहा। जब मौके पर पंचायत प्रधान को बुलाया गया तो उन्होंने उलटा ग्रामीणों के घरों से गंदा पानी आने की बात कही। ग्रामीणों ने बीडीओ से मांग उठाई कि मिल्क प्लांट को रिहायशी इलाके में बंद किया जाए।
ग्रामीणों की मांग पर बीडीओ गगरेट सुरेंद्र जेतली ने कुठेड़ा जसवालां पंचायत प्रधान मुनिंद्र कुमार रिक्की को मौके का निरीक्षण करने और इस समस्या का स्थायी हल करने के निर्देश दिए।
वहीं पंचायत प्रधान मुनिंद्र कुमार रिक्की ने कहा कि प्लांट संचालक को दो दिन का नोटिस दिया गया था। शुक्रवार को निरीक्षण किया गया तो प्लांट बंद था और वहां से आने वाला गंदा पानी भी नहीं पाया गया। उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाके में प्लांट नहीं चलाया जा सकता। इसके लिए प्लांट संचालक को कहीं और व्यवस्था करने को कहा गया है।