सर्द मौसम में किसानों के लिए फसलें बचाना चुनौती
सुबह के समय पड़ रही कोहरे की मार, किसानें पर आर्थिक बोझ बढ़ा
किसान बोले- वर्तमान में बारिश की दरकार, नहीं तो फसलें हो जाएंगी बर्बाद
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में कोहरे की मार लगातार जारी है। शून्य डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहे तापमान में जहां लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है वहीं, किसानों के लिए फसलें बचाना भी चुनौती बन गया है। किसान कोहरे की मार से फसलें बचाने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। स्वां नदी के आसपास हरी सब्जी तैयार करने वाले किसानों ने पौधों को पॉलिथीन और जालीदार कपड़े से ढका है, ताकि कोहरे की मार पौधों तक न पहुंचे। इस पर किसानों का काफी खर्च भी हुआ। उनपर आर्थिक बोझ बढ़ा है। जानकारी के अनुसार जिले में स्वां नदी के आसपास इन दिनों विभिन्न हरी सब्जियों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इस इलाके में सिंचाई सुविधा के व्यापक प्रबंध है। इसलिए किसान सर्दी में पौधे लगाते हैं और मार्च के आसपास उत्पादन शुरू हो जाता है। वर्तमान में मौसम की विपरीत परिस्थितियों में किसानों के लिए फसलें तैयार करना बेहद मुश्किल हो चुका है। सुबह के समय कोहरे की परत खेतों में बिछ रही है। इसका सीधा असर फसलों पर हो रहा है। खासकर हरी सब्जियों के छोटे पौधे इसकी चपेट में आकर खराब हो जाते हैं। इसलिए किसानों ने पौधों की क्यारियां पॉलिथीन व जालीदार कपड़े से ढकी हैं। किसान प्रेमचंद, उत्तम राम, केवल राम, बलविंद्र सिंह, सुखदेव सहित अन्य ने बताया कि इस बार बारिश ही नहीं हुई। सूखी सर्दी के बीच कोहरा फसलों के लिए जहर से कम नहीं। इसलिए फसलों को बचाने के लिए विभिन्न तरीके अपनाए जा रहे हैं। वर्तमान में बारिश की सख्त जरूरत है। नहीं तो सिंचाई के बावजूद फसलें बर्बाद हो सकती हैं।
कोट्स
फसलों के लिए मौसम की स्थिति विपरीत चल रही है। ऊना के किसान सब्जियां उगाने में महारत रखते हैं। इसलिए अभी तक फसलें अच्छी स्थिति में हैं। हालांकि, बारिश का होना बेहद जरूरी है ताकि फसलों के उत्पादन में कोई असर न हो। -डाॅ. कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग