पंडोगा (ऊना)। जिले के पंडोगा क्षेत्र में बेमौसमी बारिश ने आलू उत्पादक किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश और आसमान में छाए बादलों के कारण वातावरण में नमी बढ़ गई है जिससे आलू की फसल में ‘लेट ब्लाइट’ रोग तेजी से फैल रहा है। इस बीमारी के चलते फसल को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
ऊना क्षेत्र गेहूं, मक्का, धान और खासतौर पर आलू की खेती के लिए जाना जाता है। यहां उगाई जाने वाली चार माह की आलू की फसल दिसंबर से अप्रैल के बीच तैयार होती है लेकिन इस बार मौसम के बिगड़े मिजाज ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
क्षेत्र के प्रगतिशील किसान राकेश कुमार, विपन सैनी, कपिल सैनी, विजय कुमार और श्याम चौधरी ने बताया कि उन्होंने भारी लागत लगाकर आलू की बुवाई की थी लेकिन हालिया बारिश के कारण फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि खेतों में खड़ी फसल झुलसने लगी है और बीमारी तेजी से फैल रही है जिससे उत्पादन में भारी गिरावट तय मानी जा रही है। किसानों ने बताया कि रोग की रोकथाम के लिए वे लगातार महंगी दवाइयों का छिड़काव कर रहे हैं। ‘रिडोमिल गोल्ड’ और ‘मंकोजेब’ जैसे फफूंदनाशकों का इस्तेमाल किया जा रहा है लेकिन इन दवाइयों का खर्च उनकी क्षमता से बाहर होता जा रहा है। इसके बावजूद बीमारी पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। एक ओर जहां लागत बढ़ रही है वहीं दूसरी ओर किसानों को मंडियों में आलू के भाव भी कम मिलने की आशंका है। ऐसे में किसानों को अपनी लागत निकाल पाना भी मुश्किल लग रहा है।
किसानों ने सरकार से मांग की है कि बेमौसमी बारिश और बीमारी से हुए नुकसान का आकलन कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते सहायता नहीं मिली तो उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. प्रेम ठाकुर का कहना है कि लगातार नमी और ठंडा मौसम ‘लेट ब्लाइट’ रोग के फैलने के लिए अनुकूल होता है। ऐसे में समय पर दवा का छिड़काव और खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था ही इस रोग से बचाव का प्रमुख उपाय है।