ऊना। जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में बिना बताए उद्योग बंद करने वालों के खिलाफ विभाग ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। उद्योग विभाग ने ऐसे 32 उद्योगों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। विभाग ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि समय रहते नोटिस का जवाब नहीं दिया तो प्लाट रद्द कर दिया जाएगा। जिला ऊना के पंडोगा, बसाल, जीतपुर बेहड़ी, गगरेट, मैहतपुर और टाहलीवाल में ऐसे 32 उद्योग हैं जिन्हें उद्योग विभाग को बिना कोई सूचना दिए बंद कर दिया है। अब इसकी सूचना विभाग को मिली तो विभाग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित कई उद्योग लंबे समय से बंद पड़े हैं। इससे जहां एक ओर प्रदेश सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर हजारों युवाओं को रोजगार पर छीना है।
जानकारी के अनुसार विभाग ने ऐसे उद्योगों की सूची तैयार की है, जिन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में प्लॉट लेने के बाद तय समय सीमा में निर्माण कार्य पूरा नहीं किया। कुछ उद्योगों ने भवन तैयार कर लिया, कुछ समय तक उत्पादन शुरू किया लेकिन इसके बाद अचानक ताले लटका दिए।
उद्योग विभाग ने नोटिस में संबंधित इकाइयों से पूछा है कि आखिर उत्पादन क्यों शुरू नहीं किया गया और बंद इकाइयों को दोबारा चालू करने की क्या योजना है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्लॉट आवंटन रद्द करने, लीज समाप्त करने और अन्य कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है।
कहां कितने उद्योगों को नोटिस
उद्योग विभाग ऊना ने औद्योगिक क्षेत्र पंडोगा में छह, बसाल में दो, जीतपुर बेहड़ी में दो, गगरेट औद्योगिक क्षेत्र में सात, मैहतपुर में आठ और टाहलीवाल औद्योगिक क्षेत्र के सात उद्योगों को नोटिस जारी किया है। इन उद्योगों को 14 दिनों के भीतर विभाग को जवाब देना होगा। संतोषजनक जवाब ने मिलने पर विभाग दोबारा से नोटिस जारी करेगा। इसके बाद भी यदि जवाब नहीं आता है तो उद्योग विभाग उनके प्लॉट की लीज रद्द कर देगा।
कुछ उद्योगों को बिना कोई सूचना के बंद कर दिया है। ऐसेे उद्योगों को नोटिस जारी किया गया है। अभी उनके जवाब का इंतजार है। इसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-अंशुल धीमान, संयुक्त निदेशक उद्योग विभाग