ऊना बस में सवारियां ले जाने के लिए खड़ी टूटे शीशे वाली बस।संवाद
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ऊना। जनता की जिंदगी को दांव पर लगाकर लोगों को हिमाचल पथ परिवहन निगम की खटारा बसों में सफर करवाया जा रहा है। आलम यह है कि जिले में अभी भी 30 जीरो वैल्यू बसें हैं, जिनका संचालन रोजाना स्थानीय रूटों पर हो रहा है। यह खटारा बसेें किसी भी समय हादसे का कारण बन सकती हैं। इसके बावजूद निगम इन बसों का संचालन कर रहा है। इससे निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में लोहे की चादरें भी पुरानी होने के कारण उखड़ना शुरू हो गई हैं। इसके अलावा अधिकतर बसों के शीशे भी टूटे हुए हैं, जिन पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हिमाचल पथ परिवहन ऊना डिपो की करीब 30 बसें जीरो वैल्यू हो चुकी हैं। प्रदेश में आए दिन एचआरटीसी की खस्ता हालत के मामले सामने आ रहे हैं। इसके बावजूद परिवहन निगम बसों की दशा सुधारने में गंभीर नजर नहीं आ रहा है। हिमाचल पथ परिवहन निगम ऊना डिपो की हालत आए दिन खस्ताहाल होती जा रही है।
एचआरटीसी के ऊना डिपो के पास कुल 111 बसें हैं। इन बसों में से 30 के करीब बसें जीरो वैल्यू हो चुकी हैं। यह खटारा बसें आठ लाख किलोमीटर से दस लाख किलोमीटर तक चल चुकी हैं। अब नियमों के अनुसार इन बसों की वैल्यू भी समाप्त हो चुकी है। दूसरी तरफ निगम की कई बसों के शीशे टूटे हुए हैं। इन बसों के शीशे बदलने के लिए भी निगम कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इसके बावजूद निगम खटारा बसों को ठोक पीटकर चलाने का काम कर रहा है। इस गंभीर मसले पर हिमाचल पथ परिवहन निगम कोई ध्यान नहीं दे रहा। एचआरटीसी की यह लापरवाही किसी भी समय भारी पड़ सकती है।
इस संबंध में एचआरटीसी ऊना डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक सुरेश धीमान ने बताया कि डिपो के पास मौजूदा समय में करीब 30 जीरो वैल्यू बसें हैं। जीरो वैल्यू बसों को लेकर उच्च अधिकारियों को समय समय पर सूचित किया जाता है। डिपो को हाल ही में आठ नई बसें भी मिली हैं। आगामी दिनों में भी नई बसें मिलने की संभावना है।