ऊना। जिले में सड़कों के जीर्णोद्धार का काम जोरों पर चल रहा है। इसी कड़ी में ऊना-गगरेट सड़क मार्ग पर भी तारकोल की नई परत बिछाई गई है। इस दौरान सुरक्षा मानकों का भी विशेष ख्याल रखा गया है। सड़क के किनारे बाजारों और स्कूलों सहित अन्य व्यस्त स्थानों पर गति अवरोधक भी स्थापित किए गए हैं।
बता दें कि जिला की कई सड़कों पर गति अवरोधक नहीं थे। इससे हादसों का खतरा बना रहता था। मगर अब सड़कों पर गति अवरोधक लगने से वाहन चालकों को ब्रेक लगाकर ही आगे बढ़ना पड़ रहा है। इससे हादसों का खतरा पहले के मुकाबले काफी कम हो गया है। इस मार्ग पर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंडोगा के आसपास भी स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं, जोकि बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम था। इस मुद्दे को अमर उजाला ने भी प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद विभाग ने यह कदम उठाया है।
वहीं, ऊना-गगरेट सिंगल लेन सड़क पर कई वाहन चालक बेहद तेज गति में गुजरते हैं। ग्रामीण इलाके होने के कारण कई स्थानों पर बेसहारा पशु भी सड़कों पर रहते हैं। इस सड़क मार्ग पर बेहद कम स्पीड ब्रेकर थे। इससे मुख्य बाजारों और स्कूलों के आसपास हमेशा हादसों का डर रहता था। मगर अब स्पीड ब्रेकर लगाए जाने के बाद काफी हद तक राहत मिलेगी।
ऊना-गगरेट मार्ग को बेहतर तरीके से तैयार किया गया है। इसमें सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि किसी प्रकार के हादसे का खतरा कम हो पाए। जहां भी बाजार या स्कूल हैं, वहां स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। उम्मीद है कि भविष्य में इसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे। -
ई. बलदेव सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग