ऊना महाविद्यालय के साथ लगते इंदिरा मैदान के बाहर छतों पर चढ़े कार्यकर्ताओं को नीचे आने की अपील
ऊना। लोकसभा चुनाव और विधानसभा उपचुनाव की मतगणना के दौरान मंगलवार सुबह से लेकर दोपहर तीन बजे तक ऊना महाविद्यालय छावनी में तब्दील रहा। महाविद्यालय के परिसर से लेकर मतगणना के लिए बनाए केंद्रों तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही। इस दौरान मोबाइल फोन ले जाने पर सख्ती से पाबंदी रही। मतदान अधिकारियों से लेकर राजनीतिक प्रतिनिधियों तक किसी को भी फोन लेकर अंदर दाखिल नहीं होने दिया गया। जिन लोगों के पास मोबाइल थे, उन्हें गेट पर ही जमा करवा लिया गया और पूरी जांच के बाद प्रवेश दिया गया। हालांकि यह प्रवेश भी उन्हें मिला, जिन्हें जिला प्रशासन और निर्वाचन आयोग की ओर से अनुमति मिली थी और उससे जुड़े पहचान पत्र उनके पास थे।
उधर, महाविद्यालय के साथ लगते इंदिरा मैदान में एक समय ऐसा भी आया, जब नारेबाजी करने कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। हालांकि इस दौरान तनाव जैसा कोई स्थिति पैदा नहीं हुई। थाना सदर एसएचओ मनोज वालिया स्वयं हालात का जायजा लेने के लिए पहुंचे और आसपास छतों पर बैठे लोगों को नीचे उतारा, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो। वहीं, दोपहर एक बजे तक उपचुनाव नतीजों की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता भारी संख्या में महाविद्यालय गेट के बाहर जमा हो गए और जमकर नारेबाजी की और ढोल की थाप पर भांगड़ा डाला गया। गेट पर तैनात पुलिस कर्मियों ने मुख्य गेट को पूरी तरह बंद कर दिया। आलम यह रहा कि मतदान ड्यूटी दे रहे अधिकारियों व कर्मियों को भी महाविद्यालय से आने-जाने में करीब एक घंटा इंतजार करना पड़ा।
उधर, पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह ने कहा कि मतदान प्रक्रिया में बेहद संवेदनशीलता और सावधानी से कार्य करने की जरूरत रहती है, ताकि किसी प्रकार की कोताही को मौका न मिली। इसके लिए बीते दो माह से पुलिस ने लगातार दिन-रात सेवाएं दीं। इसके लिए सभी पुलिस और अन्य सुरक्षा बल के जवान बधाई के पात्र हैं।
ऊना महाविद्यालय के साथ लगते इंदिरा मैदान के बाहर छतों पर चढ़े कार्यकर्ताओं को नीचे आने की अपील