सिविल अस्पताल चिंतपूर्णी में अल्ट्रासाउंड मशीन रूम सील कर किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह कार्रवाई बीते दिनों की गई। बताया जा रहा है कि अल्ट्रासाउंड मशीन को ऑपरेट करने वाले रेडियोलॉजिस्ट के न होने के कारण विभाग की ओर से यह कार्रवाई अमल में लाई गई है। जिससे अल्ट्रासाउंड मशीन का दुरुपयोग न हो सके।
उधर, चिंतपूर्णी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा न मिलने से हजारों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है। मरीज महंगे दामों पर अल्ट्रासाउंड करवाने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन वाले कमरे को सुप्रीमकोर्ट के आदेशों पर सील किया गया है। स्थानीय लोगों कमलेश शर्मा, रक्षा देवी, प्रीतम चंद, गोपाल कुमार, प्रेम चंद का कहना है कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा न मिलने से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें मजबूर होकर दूरदराज क्षेत्रों में सुविधा लेनी पड़ रही है। जिससे उनका पैसा व समय बर्बाद हो रहा है।
उधर, अस्पताल के एसएमओ डॉ. रूपेंद्र शर्मा ने बताया कि बीएमओ अंब ने उक्त कमरे को सील किया है अल्ट्रासाउंड मशीन को ऑपरेट करने वाला यदि कोई पंजीकृत चिकित्सक अस्पताल में नहीं है, तो उसको कोई अन्य चिकित्सक ऑपरेट नहीं कर सकता। इसके लिए रेडियोलॉजिस्ट का होना बेहद जरूरी है।
उधर, बीएमओ डॉ. संजीव वर्मा ने बताया कि चिंतपूर्णी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन को ऑपरेट करने वाला कोई रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण यह समस्या आ रही है। मशीन वाले कमरे को सुप्रीमकोर्ट के आदेशों के अनुसार सील किया गया है और पीएंडडीटी एक्ट के तहत यह कार्रवाई अमल में लाई गई है।