अंब की अदालत ने 1 लाख 66 हजार रुपए हर्जाने की सजा सुनाई
संवाद न्यूज एजेंसी
अंब(ऊना)। अंब की अदालत ने चेक बाउंस मामले में दो लोगों को दो साल की कैद और 1 लाख 66 हजार रुपए हर्जाने की सजा सुनाई है। ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास कोर्ट नंबर 2 अंब जज विशाल तिवारी की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद वीरवार को आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
मामले की पैरवी करने वाले संदीप एस चंदेल ने बताया कि 87 वर्षीय शिकायतकर्ता सुशीला देवी पत्नी नायब सूबेदार कश्मीर सिंह निवासी गांव कुठेडा खैरला, तहसील अंब को आरोपियों ने साल 2015 में अपनी कंपनी में दो हजार रुपये प्रतिमाह तीन साल के लिए जमा करवाने को कहा था तथा उसकी मैच्योरिटी वैल्यू 84,600 रुपये ब्याज सहित देने का वादा किया था। शिकायतकर्ता ने दोनों की कंपनी में उनके विश्वास पर हर महीने दो हजार रुपये प्रतिमाह जमा करवाए तथा मैच्योरिटी होने पर शिकायतकर्ता से दोनों दोषीगणों ने कागजात लेकर शिकायतकर्ता को 83,140 रुपये का 15 जुलाई 2018 को चेक दिया था, जिसे जब बैंक में क्लीरेंस के लिए लगाया तो खाते में पर्याप्त रुपये न होने के कारण चेक बाउंस हो गया।
इस बारे शिकायतकर्ता ने अपने वकील के माध्यम से दोषीगणों को एक लीगल नोटिस जारी किया तथा साल 2018 में अदालत में केस दायर किया। अंब की अदालत ने दोनों पक्षों की गवाहियों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपने अहम फैसले में 138 नैगोशिएबल इन्सट्रूमेंट एक्ट के तहत कंपनी के डायरेक्टर मुनीष कुमार और राजीव कुमार को दोषी करार देते हुए दो साल की सजा और 1,66,28 रुपये का हर्जाना बतौर सजा सुनाई है।