अंब(ऊना)। अंब की अदालत ने वर्ष 2013 में एटीएम धोखाधड़ी और चोरी के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को सात-सात साल के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अंब जतिंद्र कुमार की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों आरोपियों रमेश कुमार और राजवीर सिंह को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत सजा और जुर्माने का आदेश दिया है। यह पूरा मामला अगस्त 2013 का है। जब दौलतपुर चौक स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम कक्ष में एक महिला के साथ धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया था। मवा कोहलां गांव की रहने वाली पीड़िता सीमा कुमारी जब एटीएम से पैसे निकालने गई, तब वहां मौजूद एक अज्ञात व्यक्ति ने धोखे से उनके एटीएम कार्ड की अदला-बदली कर दी थी। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता के खाते से अलग-अलग किस्तों में कुल 65,000 रुपये निकाल लिए थे। पीड़िता को जब मोबाइल पर पैसे कटने के संदेश मिले तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद गगरेट पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई और पुलिस ने छानबीन के बाद हरियाणा के रहने वाले रमेश कुमार और राजवीर सिंह को गिरफ्तार किया था। सीसीटीवी फुटेज और बैंक रिकॉर्ड की मदद से पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत जुटाए थे।
अदालत ने दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 34 के तहत सात साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में उन्हें छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। इसके साथ ही धारा 380 और 34 के तहत भी दोनों को सात साल के कठोर कारावास और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। जुर्माना न देने पर छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास तय किया गया है। इसके अलावा धारा 201 के तहत साक्ष्य मिटाने के अपराध में दोषियों को तीन साल के कठोर कारावास और 25,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है तथा जुर्माना न देने पर तीन महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास का प्रावधान किया गया है। इस मामले में सरकार की ओर से सहायक जिला न्यायवादी विशेष कुमार ने पक्ष रखा।