फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Una News: यह है व्यवस्था का हाल, स्कूल भवन नहीं हो सका तैयार, बीत गए चार साल

Sat, 20 Apr 2024 10:05 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
विज्ञापन
विज्ञापन
ऊना। सरकारी व्यवस्था का हाल ये है कि चार साल के बाद भी स्कूल का भवन बनकर तैयार नहीं हो सका है। स्कूल की नई पांच मंजिला इमारत तो बनाकर खड़ी कर दी है, लेकिन न अभी तक अंदर दरवाजे लग सके हैं और न ही खिड़कियां। न भवन में अभी तक बिजली-पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है। इस कारण लगभग तीन साल से स्कूल में पढ़ने वाले 400 से ज्यादा विद्यार्थी और शिक्षक सुरक्षित घोषित किए जा चुके भवन में ही पठन-पाठन करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार बाल स्कूल ऊना की नई इमारत का करीब चार साल पहले निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इस पर 8.80 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की मानें तो इमारत के निर्माण के लिए ठेकेदार ने 3.82 रुपये जारी किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त करीब पांच करोड़ रुपये ठेकेदार के अटके हुए हैं, जिस वजह से कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। पिछले एक साल से भवन का ढांचा बनाकर तैयार हो चुका है। विद्यार्थियों और शिक्षकों को उम्मीद थी कि नए शैक्षणिक सत्र 2024-25 में नया भवन मिल जाएगा। मगर बिजली-पानी और अन्य कार्य अधूरे होने के कारण एक बार फिर उम्मीद टूट गई है।

स्टोर में धूल फांकने लगे उपकरण
बाल स्कूल के नए भवन में विद्यार्थियों को आधुनिक लैब में पढ़ाई करने का मौका मिलना था। स्कूल की नई इमारत में स्मार्ट कक्षाओं के लिए एलईडी, कंप्यूटर आदि महत्वपूर्ण सामान पहुंच चुका है। मगर पर्याप्त जगह न होने के कारण यह भी स्टोर में धूल फांक रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को स्मार्ट कक्षाओं से भी वंचित रहना पड़ रहा है। नए शैक्षणिक सत्र 2024-25 में दाखिला लेने के लिए जनकौर, अरनियाला, कोटलां कलां, कुठार कलां, रक्कड़ कालोनी आदि क्षेत्रों के बच्चे पहुंच रहे हैं। मगर सरकार और प्रशासन स्कूल की इमारत के निर्माण कार्य को पूरा करवाने के लिए गंभीर नहीं दिख रहे हैं।
विज्ञापन


पुराने भवन का कुछ हिस्सा असुरक्षित घोषित
बता दें कि जिस इमारत में इस समय स्कूल की कक्षाएं चल रही हैं उसका कुछ हिस्सा असुरक्षित घोषित हो चुका है। स्कूल में 400 के करीब विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं और कम जगह होने के कारण दो शिफ्ट में कक्षाएं लगाई जा रही है। स्कूल में सुबह 7.30 से दोपहर 01.30 तक छठी से 10वीं कक्षा और 11:00 बजे से शाम पांच बजे तक 11वीं और 12वीं की कक्षाओं का संचालन दो सत्रों में किया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को दूसरे सत्र के लिए तपती गर्मियों में भी धूप में विद्यालय पहुंचना पड़ता है। ऐसे में बच्चों के साथ-साथ अध्यापकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इमारत की बड़ी समस्या है। समय-समय पर उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाता है। ठेकेदार को बजट न मिलने के कारण नई इमारत का सपना अधूरा है। विभाग को कम से कम नई इमारत का एक फ्लोर तैयार कर स्कूल को दे देना चाहिए।
- सुरिंद्र कौंडल, प्रधानाचार्य

पूरा बजट न मिलने के कारण बाल स्कूल ऊना का काम अधूरा है। ठेकेदार का पांच करोड़ रुपये तक का बजट अटका हुआ है। बजट न होने से आगे का काम नहीं हो रहा। जैसे ही बजट का प्रावधान होगा, काम पूरा कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

-बलदेव सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें