संवाद न्यूज एजेंसी
भरवाईं (ऊना)। प्रसादम योजना के तहत चिंतपूर्णी मंदिर के विस्तार के कार्य को लेकर शुक्रवार को एसडीएम मनेश यादव ने चिंतपूूर्णी सदन भवन में दुकानदारों के साथ बैठक की। इस दौरान एसडीएम मनेश यादव ने करार की शर्तों को विस्तारपूर्वक दुकानदारों को समझाया और सभी को इसकी प्रतिलिपि भी दी।
बैठक में उन्होंने कहा कि दुकानदारों की ओर से सभी प्रकार की शर्तें समझने के बाद सोमवार से इकरारनामा करने की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि 31 मार्च से पहले पहले सभी दुकानों की रजिस्ट्री भाषा एवं संस्कृति विभाग के नाम हो जाए।
एसडीएम मनेश यादव ने कहा कि अगर किसी भी दुकानदार को करार की शर्तों में किसी प्रकार की आपत्ति होती है तो उसमें बदलाव किया जाएगा। कहा कि करार की शर्तों के अनुसार पहले दुकानों की रजिस्ट्री होगी। इसके बाद सात दिन के भीतर सभी दुकानदारों को सात लाख प्रति मरला के हिसाब से जमीन का मुआवजा दिया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग की ओर से दुकानों के आंके गए ढांचे के मूल्य के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। इसके बाद जिस दिन मंदिर न्यास की ओर से दुकानदारों को दुकानें खाली करने का आदेश पारित किया जाएगा। उसी दिन से दुकानदारों को इनकम टैक्स की रिटर्न के मुताबिक गुजारा भत्ता भी दिया जाएगा। जिन दुकानदारों के पास इनकम टैक्स की रिटर्न नहीं होगी, उनको 2018 की नेगोशिएशन कमेटी के अनुसार गुजारा भत्ता दिया जाएगा।
इस मौके पर उन्होंने दुकानदारों को बताया कि जिस लोकेशन पर दुकानदारों की दुकानें इस समय पर हैं, उसी सीरियल नंबर के अनुसार उन्हें दुकानें आवंटित की जाएंगी। दुकानदारों को मंदिर न्यास की तरफ से दी जाने वाली दुकानें 99 साल की लीज पर दी जाएंगी।
कहा कि जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरा करने के बाद पर्यटन विभाग की ओर से नक्शा बनाया जाएगा। नक्शे में दुकानदारों को मिलने वाली दुकानों की लोकेशन बताई जाएगी। उसके बाद गठित कमेटी प्रस्तावित नक्शे को मंजूरी देगी।