मेले के चलते शहर में नहीं हो पा रहा था कारोबार, मंदी की मार झेल रहे थे कारोबारी
मेला की समय अवधि पूरी होने पर प्रशासन और नगर निगम ने की कार्रवाई
बिजली कनेक्शन काटने के बाद खाली करवाईं दुकानें
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव संपन्न होने के 20 दिन बाद आखिरकार जिला प्रशासन और नगर निगम ने मेला मैदान को खाली करवा दिया। इस कार्रवाई से शहर के कारोबारियों ने राहत की सांस ली है। एक माह तक चले मेले के कारण शहर में लोगों की आवाजाही कम हो गई थी, जिससे कारोबारियों का व्यापार मंदा पड़ गया था। ग्राहकों के अभाव में दुकानें सूनी पड़ी थीं। कारोबारी लगातार प्रशासन से मेला बंद करवाने की मांग कर रहे थे। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने नगर निगम और पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई कर मैदान खाली करवा दिया। मैदान के चारों ओर बने गेट भी आम जनता की आवाजाही के लिए बंद कर दिए गए। वीरवार को मैदान खाली करवाने के बाद सफाई कार्य भी शुरू कर दिया गया।
एक माह तक चले शिवरात्रि मेले का स्थानीय कारोबार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। लोगों के न आने से बाजार और दुकानें सूनी रहीं। खासकर कॉस्मेटिक कारोबार पर इसका अधिक असर पड़ा। अब मेला हटने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। -सिमरतपाल सिंह, कॉस्मेटिक कारोबारी, गांधी चौक मंडी
मेला समाप्त होने के बाद भी 20 दिन तक मैदान में दुकानें लगी रहीं। बाजार में हर प्रकार के कपड़े उपलब्ध होने के बावजूद लोग मेले में ही खरीदारी करते रहे, जिससे स्थानीय कारोबारी खाली बैठे रहे। -हरीश चंद्र, रेडिमेड गारमेंट कारोबारी, महाजन बाजार मंडी
सबसे अधिक असर क्रॉकरी कारोबार पर पड़ा। मेले में लोग सस्ता और कम टिकाऊ सामान खरीदते हैं, जो कुछ समय बाद खराब हो जाता है। जबकि शहर की दुकानों में ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण सामान दिया जाता है और खराब होने पर उसे वापस भी लिया जाता है। सस्ते के चक्कर में लोग नुकसान उठा रहे थे। - सुरेंद्र कुमार, क्रॉकरी विक्रेता, मंडी
देर से ही सही, अंततः स्थानीय प्रशासन ने पड्डल मैदान में एक माह से डटे व्यापारियों को हटाकर मैदान खाली करवा लिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से शहर के व्यापारी वर्ग को राहत मिली है। अब हिंदू नव वर्ष और चैत्र नवरात्र के दौरान अच्छे व्यापार की उम्मीद जताई जा रही है। -हरमीत सिंह बिट्ट, प्रधान, थोक अनाज किराना विक्रेता संघ, मंडी