ऊना। शहर को स्वच्छ और सुविधाजनक बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक अहम पहल शुरू की है। इसके तहत नगर निगम क्षेत्र में स्थित सभी प्रवासी बस्तियों का व्यापक स्तर पर सर्वेक्षण किया जाएगा। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य इन बस्तियों में मूलभूत सुविधाओं, विशेषकर शौचालयों की उपलब्धता और उनकी स्थिति का सही आकलन करना है। सर्वे के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी जिसके बाद आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
नगर निगम द्वारा विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो शहर के विभिन्न वार्डों में जाकर प्रवासी बस्तियों का निरीक्षण करेंगी। ये टीमें न केवल शौचालयों की संख्या का आकलन करेंगी बल्कि उनकी उपयोगिता, साफ-सफाई और रखरखाव की स्थिति का भी बारीकी से अध्ययन करेंगी। जिन क्षेत्रों में शौचालयों की कमी पाई जाएगी या उनकी स्थिति खराब होगी, उन्हें प्राथमिकता सूची में शामिल किया जाएगा। बता दें कि कई प्रवासी बस्तियों में आज भी शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण लोगों को खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे न केवल स्वच्छता अभियान को झटका लग रहा है बल्कि संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। सर्वेक्षण के दौरान बस्तियों में रहने वाले परिवारों की संख्या, जनसंख्या का घनत्व, मौजूदा शौचालयों की संख्या, पानी की उपलब्धता, ड्रेनेज व्यवस्था और कचरा निपटान की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को भी रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। नगर निगम प्रशासन का मानना है कि ठोस योजना बनाने के लिए जमीनी हकीकत का सही आकलन जरूरी है। इसके अलावा नगर निगम द्वारा प्रवासी बस्तियों में रहने वाले लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए भी विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत लोगों को शौचालयों के उपयोग, साफ-सफाई बनाए रखने और कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जाएगा।
नगर निगम क्षेत्र में बनी अस्थायी बस्तियाें में प्रवासी लोग अधिक संख्या में रहते हैं। इन क्षेत्रों में नगर निगम सर्वे करे शौचालयों की व्यवस्था व साफ सफाई को लेकर सर्वेक्षण किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट तैयार कर आगामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
-मनोज कुमार, संयुक्त आयुक्त नगर निगम ऊना