मिडास केयर वर्कर यूनियन ने मार्क जॉन उद्योग एसोसिएशन से लगाई मदद की गुहार
उद्योग में विवाद के बाद 27 मई को प्रबंधन ने सात कामगारों को किया था निलंबित
संवाद न्यूज एजेंसी
टाहलीवाल (ऊना)। औद्योगिक क्षेत्र बाथू, बाथड़ी के एक उद्योग के कामगार करीब डेढ़ महीने से न्याय की आस में भटक रहे हैं। अभी तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। वीरवार को मिडास केयर वर्कर यूनियन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने अपने मुद्दों को लेकर मार्क जॉन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान सुरेश शर्मा से मुलाकात की और मामले में हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की अपील की। यूनियन के प्रतिनिधियों ने बताया कि 20 मई को उद्योग में विवाद के बाद 27 मई को प्रबंधन ने सात कामगारों को निलंबित कर दिया और गेट पर अनिश्चितकालीन लॉग आउट का नोटिस चिपका दिया। इसके बाद स्थानीय नेताओं, ग्राम पंचायत प्रधान बाथू, टाहलीवाल ट्रक यूनियन प्रधान, हरोली के डीएसपी, श्रम अधिकारी और संगठन नेताओं की मौजूदगी में बिना लिखित समझौता हुआ, जिसे कामगारों ने मान लिया। लेकिन, प्रबंधन ने समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया और न केवल सात कामगारों को निलंबित रखा, बल्कि 15 दिन बाद 18 अन्य कामगारों के खिलाफ कोर्ट से सम्मन जारी करवा दिए। यूनियन ने इसे समझौते का खुला उल्लंघन बताया। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को लेकर वे कई बार श्रम विभाग और अन्य अधिकारियों से लिखित और मौखिक रूप से गुहार लगा चुके हैं लेकिन डेढ़ महीना बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सुरेश शर्मा ने कामगारों की बातें ध्यान से सुनने के बाद भरोसा दिलाया कि सभी पक्षों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। इस मौके पर यूनियन के कुलदीप कुमार, जसविंदर सिंह, मंगेश पुरी, विजय कुमार, दवेंद्र सिंह, गोल्डी और रजिंद्र कुमार सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
बॉक्स
ट्रक यूनियन टाहलीवाल के प्रधान सतीश कुमार ने बताया कि बैठक में दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया था। इसमें ट्रक यूनियन के प्रतिनिधि भी शामिल थे। कहा कि यूनियन के कोई भी ट्रक नहीं रोके गए हैं। कहा कि उसके बाद क्या स्थिति बनी, इसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं है।
बॉक्स
श्रम अधिकारी अक्षय शर्मा ने कहा कि उद्योग प्रबंधन और कामगारों के बीच जल्द ही एक समझौता वार्ता आयोजित की जाएगी ताकि मामले को शांतिपूर्वक सुलझाया जा सके।
बॉक्स
डीएसपी हरोली मोहन रावत ने बताया कि उनके पास अब तक इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। कहा कि मजदूरों ने ट्रक रोके या नहीं, इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि श्रम अधिकारी के साथ बैठक कर मामले को जल्द सुलझा लिया जाएगा।