ऊना। भारतीय खाद्य निगम (आईएफसी) के कांगड़ गोदाम से निकल रहा गेहूं खाने वाला घुन इस समय दो पंचायतों कांगड़ व अपर बढ़ेडा के ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया है। इस समस्या को लेकर सोमवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और गोदाम के मुख्य गेट पर आकर रोष व्यक्त किया। गोदाम प्रबंधन के कानों तक इस बात की जानकारी पहुंची लेकिन बात न होने के कारण ग्रामीण निराश हुए।
ग्रामीणों का आरोप है कि आईएफसी के गोदाम प्रबंधन की ओर से अनाज का सही तरीके से भंडारण नहीं किया जा रहा और न ही कोई कीटनाशक छिड़काव नियमित रूप से किया जा रहा। हर साल बरसात के मौसम में यह समस्या आती है लेकिन इस बार हालात इतने बिगड़ गए हैं कि घुन ने लोगों का घर से बाहर और अंदर रहना मुश्किल कर दिया है।
ग्रामीणों में शाम लाल, बिंदर, लेखराज, वार्ड पंच विमला, उपप्रधान गणेश, पूर्व वार्ड पंच राम लाल, तुलसी राम, शिंदु, सुरेश कुमार, बलविंद्र, सोनू भारद्वाज, अमन कुमार, अश्वनी कुमार, पाशी, सोनी, हंसराज, राम चंद, विजय कुमार, हैप्पी, रमेश कुमार ने बताया कि यह घुन आसमान में मधुमक्खियों के झुंड की तरह उड़ता है और हवा के साथ घरों में घुस जाता है। छोटे बच्चों के कान और नाक में घुस जाने से असुविधा हो रही है जबकि आंखों में पड़ने पर जलन, लालिमा और दर्द से लोग कराह रहे हैं।
पंचायत प्रधान नीलम देवी ने बताया कि ग्रामीणों की इस समस्या को उन्होंने गंभीरता से लिया है और गोदाम प्रबंधन के साथ बातचीत की जा रही है। उनका कहना है कि यह सिर्फ असुविधा का मामला नहीं बल्कि लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है जिसका स्थायी समाधान जरूरी है। नीलम देवी ने आश्वासन दिया कि गोदाम प्रबंधन से लगातार संपर्क में हैं और जल्द कोई ठोस कदम उठाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।