ऊना। जिला मुख्यालय में लोगों की सहायता के लिए बनाई गई मानवता की दीवार अब खुद किसी सहारे की मांग कर रही है। जिस मकसद के साथ इस दीवार को स्थापित किया गया था, वर्तमान में वह मकसद पूरा नजर होता नहीं आ रहा है। यहां जरूरतमंदों के लिए कपड़े रखे नहीं बल्कि फेंके जा रहे हैं।
वर्ष 2019 में जिला प्रशासन व उस समय नगर परिषद के संयुक्त सहयोग से इस दीवार को शुरू किया गया था। इस दीवार का उद्देश्य इतना था कि यहां जरूरतमंदों को कपड़े और जूते आदि सामान की उपलब्धता दान स्वरूप मिले।
वर्तमान में हालात ऐसे हैं कि फर्श पर पड़ा सामान जरूरत का कम गंदगी का आलम ज्यादा लग रहा है। इस पर कुछ स्थानीय लोगों ने अपने विचार प्रकट किए हैं।
स्थानीय नागरिक विजय ने कहा कि इस दीवार की देखभाल के लिए कोई उचित व्यवस्था होनी चाहिए ताकि इसका लाभ जरूरतमंदों को मिल सके। वर्तमान में इस जगह की हालत बेहद खराब है। स्थानीय युवा विक्की कुमार ने कहा कि प्रशासन व नगर निगम को इस पर ध्यान देने की जरूरत है। यहां पर फैली गंदगी को साफ करवाया जाए। यहां व्यवस्था की जिम्मेदारी किसी को सौंपी जाए।
स्थानीय नागरिक संजीव कुमार ने कहा कि मानवता की दीवार शुरूआत में तो कई लोगों के लिए मददगार बनी लेकिन समय बीतने के साथ इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। युवा शुभम सैणी ने कहा कि प्रशासन को इस दीवार के संचालन के लिए किसी संस्था को साथ लेकर कार्य करना चाहिए ताकि संस्था इसकी सही प्रकार से देखरेख कर सके।