ऊना। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के चलते जिला ऊना में वायरल बुखार, जुकाम, खांसी और गले के संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसका असर अब अस्पतालों में भी साफ दिखाई देने लगा है। क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना करीब 100 मरीज वायरल से जुड़ी शिकायतों के साथ उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है।
अस्पताल में आने वाले अधिकांश मरीज बुखार, गले में खराश, खांसी, सिरदर्द, बदन दर्द और कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। कुछ मामलों में उल्टी-दस्त और पेट संबंधी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार दिन में तेज धूप और सुबह-शाम ठंड के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ रही है, जिससे लोग जल्दी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।
अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
ये न करें
विशेषज्ञों ने लोगों को बदलते मौसम के अनुसार खानपान और दिनचर्या में सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम ठंड से बचाने पर जोर दिया गया है। ठंडा पानी, आइसक्रीम और बाहर का खुला भोजन खाने से बचने की हिदायत दी गई है। चिकित्सकों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार बुखार, तेज खांसी, सांस लेने में दिक्कत या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बिना परामर्श दवा लेने से स्थिति और बिगड़ सकती है।
मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव के कारण वायरल के मामलों में वृद्धि हुई है। वायरल के लक्षण दिखाई देने पर अस्पताल में जांच अवश्य करवाएं और एहतियात बरतें। डॉ. संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना