ऊना। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम है। अस्पताल की छत बिना बारिश से ही टपक रही है। पानी की टंकियों से लीकेज हो रही है। इसके चलते उक्त स्थान पर काई जम गई है। इसकी सफाई को लेकर प्रबंधन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को क्षेत्रीय अस्पताल का दौरा किया। अवकाश के बाद अस्पताल खुलने से काफी संख्या में मरीज क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचे। इस दौरान सबसे अधिक भीड़ जरनल ओपीडी व गायनी ओपीडी में देखने को मिली। इस दौरान अस्पताल के धरातल तल पर स्थापित चर्म रोग ओपीडी बंद रही। ऐसे में चर्म रोग के मरीजों को उपचार नहीं मिला।
इस दौरान मेडिसिन ओपीडी के बाहर मरीज उपचार के लिए पहुंचे हैं। इस दौरान डॉ. राहुल कौंडल ओपीडी में मरीजों की जांच कर रहे हैं। इसके बाद अस्पताल में चल रहे पीजीआई सेटेलाइट सेंटर का दौरा किया। इस दौरान देखा कि सेंटर संचालन के लिए दिए गए कमरों के बाहर छत से पानी टपक रहा है।
ऐसे में आने जाने वाले मरीजों व तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसके चलते अस्पताल की छत पर जाकर देखा गया तो वहां काफी संख्या में कबाड़ पड़ा हुआ है। पुराना फर्नीचर व टूटे स्ट्रैचर पर व पानी की टूटी टंकियां पड़ी हुई हैं। ऐसे में अस्पताल की छत को भी नुकसान पहुंच रहा है।
छत की सफाई को लेकर प्रबंधन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिस स्थान पर पानी की टंकियां रखी हैं वहां काई जमी हुई है। इससे साफ जाहिर होता है कि इस जगह की सफाई काफी समय से नहीं हुई है। सोमवार को मातृ-शिशु अस्पताल में भी काफी संख्या में महिलाएं उपचार के लिए पहुंचीं। ओपीडी के समीप पर्ची काउंटर पर भी काफी भीड़ है। इसी भवन में चल रही शिशु रोग ओपीडी में विशेषज्ञ उपचार के लिए पहुंचे बच्चों का उपचार कर रहे हैं। इसके अलावा क्रस्ना लैब का संचालन भी सुचारु रूप से हो रहा है।