ऊना। जिले में कामगारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रस्तावित ईएसआईसी अस्पताल की योजना धरातल पर नहीं उतर पाई है। हरोली विधानसभा क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्र में प्रस्तावित अस्पताल को लेकर लंबे समय से प्रक्रिया चल रही है लेकिन निर्माण की दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी है। ऐसे में जिले के ईएसआईसी के दायरे में आने वाले कामगार और उनके परिवार फिलहाल डिस्पेंसरी की सीमित सुविधाओं पर ही निर्भर हैं।
हरोली क्षेत्र के टाहलीवाल में 100 बेड के ईएसआईसी अस्पताल का प्रस्ताव सामने आया था। बाद में गोंदपुर बुल्लां में अस्पताल निर्माण के लिए करीब पांच एकड़ भूमि का चयन भी किया गया। प्रस्ताव के तहत पहले चरण में 30 बेड की सुविधा और आवश्यकता के अनुसार भविष्य में इसे 100 बेड तक विस्तार देने की योजना है। जिले में अंब, गगरेट, जीतपुर बेहड़ी, मैहतपुर, टाहलीवाल और बसाल समेत कई क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयां हैं। इन इकाइयों में बड़ी संख्या में कामगार कार्यरत हैं और ईएसआईसी के तहत पंजीकृत कर्मचारियों को अस्पताल की सुविधा का इंतजार है। मौजूदा समय में डिस्पेंसरी के माध्यम से सामान्य उपचार और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होती हैं लेकिन गंभीर बीमारी या हादसे की स्थिति में मरीजों को बड़े अस्पतालों के लिए रेफर करना पड़ता है। इससे कामगारों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
खासकर बाथू-बाथड़ी-टाहलीवाल औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में कामगार होने के कारण यहां अस्पताल की जरूरत लगातार महसूस की जा रही है। बता दें कि भविष्य में हरोली उपमंडल के तहत ही पोलियां बीत में बल्क ड्रग पार्क का निर्माण भी होना है। अस्पताल बनने से न केवल ईएसआईसी लाभार्थियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार मिल सकेगा बल्कि गंभीर मामलों में दूसरे जिलों के अस्पतालों पर निर्भरता भी कम होगी।
हरोली उपमंडल में ईएसआईसी अस्पताल बनाने को लेकर प्रक्रिया चल रही है। इस पर आगामी कार्यवाही उच्च अधिकारियों के स्तर पर ही तय की जाएगी।
-डॉ. विवेक शारदा, प्रभारी ईएसआईसी गगरेट