ऊना। शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या के बीच जिला प्रशासन, पशु पालन विभाग से लेकर नगर निगम गंभीर नहीं हैं। अभी तक सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद जिला प्रशासन रूपरेखा तय नहीं कर पाए हैं। भले ही नगर निगम ने पिछले दो वर्षों में करीब 1400 कुत्तों की नसबंदी करवाई है लेकिन बावजूद इसके शहर और आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऊना शहर के अलावा अंब गगरेट, मुबारिकपुर, भरवाईं, हरोली, टाहलीवाल, मैहतपुर, बंगाणा, जोल, बडूही, नारी, घनारी संतोषगढ़ की हर गली से लेकर चौराहे पर आवारा कुत्तों को झुंडों में अक्सर देखा जा सकता है। यहां से आमजन का गुजरना खतरे से खाली नहीं है। खास बात यह है कि निगम अब तक शहर में आवारा कुत्तों की सही संख्या का आंकड़ा तैयार नहीं कर पाया है। सुबह-शाम के समय सड़कों पर कुत्तों की आवाजाही अधिक रहने से राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में कुत्तों के काटने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद निगम की ओर से आवारा कुत्तों की गणना को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। निगम समय-समय पर नसबंदी अभियान चलाता रहा है। नसबंदी के बाद कुत्तों को दोबारा उसी क्षेत्र में छोड़ दिया जाता है। इस समस्या पर स्थानीय लोगों ने अपने विचार सांझा किए। पशुपालन विभाग के उपनिदेशक वीरेंद्र पटियाल का कहना है कि उपायुक्त और अतिरिक्त उपायुक्त के निर्देशों के तहत ही इस दिशा में रूपरेखा जनहित में तैयार की जा सकती है। विभाग अपने स्तर पर जो सुविधाएं है, वही मुहैया करवा सकता है।
1 स्थानीय निवासी प्रवीण शर्मा ने बताया कि आवारा कुत्तों की समस्या काे लेकर गंभीरता से कार्य करना चाहिए। इसके लिए उचित कदम उठाने की जरूरत है।
2 स्थानीय निवासी अशोक कुमार ने कहा कि अब उच्चतम न्यायालय ने भी हिंसक होने वाले आवारा कुत्तों को लेकर साफ आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों को लेकर धरातल पर भी नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
3 स्थानीय निवासी विवेक कुमार का कहना है कि आए दिन आवारा कुत्तों की ओर से काटने के मामले सामने आते हैं। ऐसे में आम जन की परेशानी बढ़ती जा रही है।
4 स्थानीय निवासी विनय शर्मा ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों में आवारा कुत्तों के झुंड देखने को मिलते हैं। कई बार लोगों को काट भी लेते हैं। ऐसे में पर इस पर लगाम लगाने के लिए व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
कुत्तों की नसबंदी को लेकर निगम कार्य कर रहा है। इसे लेकर आगामी समय में नियमों के तहत उचित कदम उठाए जाएंगे।
पृथी पाल सिंह, आयुक्त नगर निगम ऊना