शारदीय नवरात्र मेले को लेकर तैयारियां जोरों पर, सजावट कार्य शुरू
नवरात्र के उपलक्ष्य में मेला क्षेत्र को चार सेक्टरों में बांटा गया
अजय कालिया
चिंतपूर्णी (ऊना)। 22 सितंबर से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्र पर माता चिंतपूर्णी मंदिर थाईलैंड और बंगलूरू के फूलों की खुशबू से महकेगा। दिल्ली के एक श्रद्धालु कमल की ओर से मंदिर की सजावट का कार्य करवाया जा रहा। इसके लिए मंदिर में थाईलैंड, कर्नाटक और बंगलूरू से फूल, सामग्री और कारीगर पहुंच चुके हैं। कारीगरों ने अपना कार्य शुरू भी कर दिया है। दो से तीन दिन में पूरा मंदिर तैयार कर दिया जाएगा। इससे पहले भी श्रद्धालु की ओर से मंदिर में फूलों का सजावट कार्य करवाया जाता रहा है। मंदिर की सजावट के लिए लाखों रुपये खर्च किए जा रहे।
मंदिर प्रशासन ने प्राप्त जानकारी के अनुसार शारदीय नवरात्र के उपलक्ष्य पर मेला क्षेत्र को चार सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर में एक सेक्टर मजिस्ट्रेट, एक पुलिस अधिकारी की नियुक्ति होगी। एसडीएम अंब सचिन शर्मा मेला अधिकारी होंगे और डीएसपी अंब मेला पुलिस अधिकारी, बीएमओ स्वास्थ्य अधिकारी नियुक्त किए गए। मेले में सुरक्षा व्यवस्था सुचारु रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया जाएगा। मेले के दौरान 40 अतिरिक्त सफाई कर्मचारी भी नियुक्त किए गए हैं ताकि सफाई व्यवस्था सुचारू बनी रहे। इसके अलावा एक रिकवरी बैन, एंबुलेंस सुविधा और अग्निशमन गाड़ी भी मंदिर क्षेत्र में रखी जाएगी ।
मेले को लेकर व्यापारी वर्ग इस बार असमंजस में है। पिछले एक महीने से अधिक समय से चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी कमी रही है। इसका मुख्य कारण पंजाब में आई बाढ़ को बताया जा रहा। लेकिन, अब नवरात्र को लेकर क्या श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होता है या नहीं, इसपर नजर बनी हुई है। मां चिंतपूर्णी मंदिर में वैसे भी भीड़ सावन अष्टमी मेले में ही होती है। इन नवरात्रों में ज्यादा भीड़ नहीं होती।
माता चिंतपूर्णी में लागू रहेगी विशेष व्यवस्था
जिला दंडाधिकारी जतिन लाल की ओर से जारी आदेश के मुताबिक मेले के दौरान कानून व्यवस्था में तैनात जवानों को छोड़कर किसी भी व्यक्ति को हथियार लेकर चलने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। नवरात्र के दौरान ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए मंदिर न्यास को छोड़कर अन्यों के लाउड स्पीकर के इस्तेमाल करने पर पूर्ण मनाही रहेगी। मेले के दौरान ब्रास बैंड़, ड्रम, लंबे चिमटे इत्यादि के लाने पर भी पूर्ण पाबंदी रहेगी। यदि कोई व्यक्ति इन वस्तुओं को अपने साथ लाता है तो उन्हें पुलिस की ओर से स्थापित बैरियर पर ही जमा कराना होगा। पॉलीथिन के इस्तेमाल पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। खुले में और सड़क किनारे लंगर लगाने और आतिशबाजी पर भी प्रतिबंध रहेगा। माता चिंतपूर्णी के दर्शानार्थ बनाए पंजीकरण काउंटर पर पर्ची लेना अनिवार्य रहेगा। श्रद्धालु बिना पर्ची माता श्री चिंतपूर्णी जी के दर्शन नहीं कर सकेंगे। मंदिर अधिकारी अजय मंडियाल ने बताया कि सोमवार से शुरू होने वाले मेले के लिए मंदिर प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।