सीमावर्ती हरोली क्षेत्र में लगाए 100 कैमरे
अब ऊना, मैहतपुर, गगरेट और अंब क्षेत्र होगा आईटीएमएस से लेस
नशे की मांग बंद होने से खत्म होगा तस्करी गिरोह
तस्करी मामलों की जड़ तक जाएंगे, मुख्य आरोपियों को दबोचने का प्रयास
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। पंजाब के साथ लंबी सीमा को साझा करने वाले ऊना जिला में प्रदेश के अन्य जिलों से अधिक चुनौतियां हैं। यहां पंजाब के कई अपराधी सक्रिय रहते हैं। बीते दिनों हरोली में लूटपाट, स्नेचिंग और चोरी के कई मामले सामने आए। पुलिस ने अधिकतर मामलों को सुलझा लिया है। अपराधियों का सुराग हासिल करने के लिए पुलिस के लिए सबसे अधिक मददगार चौक चौराहों पर लगे उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे साबित हुए। यह बात पुलिस अधीक्षक ऊना राकेश सिंह ने बुधवार सुबह पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि किसी भी इलाके में नशा तस्करी कम करने के लिए मांग को खत्म करना जरूरी है। युवाओं को खेल व अन्य गतिविधियों में अधिक व्यस्त रखा जाए, ताकि उनका ध्यान नशे की ओर न जाए। बीते कुछ समय में नशे की 40 से 50 ग्राम की बड़ी खेप वाले मामले पकड़े हैं। हरोली पुलिस ने तस्करी का मुख्य आरोपी भी दबोचा है जो होशियारपुर का रहने वाला है। उन्होंने कहा कि कई मामले ऐसे हैं, जहां नशा किसी और जिले को जाना होता है। इसमें हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और बिलासपुर में कई तस्कर सक्रिय हैं ।
एसपी राकेश सिंह ने बताया कि हरोली क्षेत्र में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के तहत 100 उच्च गुणवत्ता के कैमरे लगाए गए हैं। इसमें 50 कैमरे पहले से स्थापित हैं और 50 नए स्थापित किए गए हैं। कैमरे की मदद से अपराधियों को पकड़ने के साथ यातायात नियमों को तोड़ने वालों और खनन में लिप्त लोगों पर भी कार्रवाई हो रही हैं। सीमावर्ती जिला होने के कारण पंजाब से कई लोग प्रतिदिन दाखिल होते हैं। उनमें कई नशे के आदी होते हैं, जो अपनी नशे से जुड़ी जरूरतों के लिए अपराध को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। उनके सुराग सीसीटीवी की मदद से मिलते हैं और पुलिस टीमें अपराधियों तक पहुंच पाती हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में आटीएमएस के लिए एक कमांड कंट्रोल एरिया भी बनाया जा रहा। हरोली के बाद ऊना, मैहतपुर, अंब, गगरेट में भी सीसीटीवी अधिक से अधिक लगाए जाएंगे। सीसीटीवी की मदद से कई मामले सुलझाए गए। कैमरा लगाने का मकसद अपराध के साथ अन्य गैर कानूनी गतिविधियों को कम करना है। कहा कि सड़कों पर बेशक पुलिसकर्मी कम दिख सकते हैं, लेकिन सीसीटीवी से लगातार निगरानी हो रही है।
वाहनों की संख्या बढ़ी, सड़कें सीमित
राकेश सिंह ने कहा कि सड़कों पर यातायात की समस्या पूरे प्रदेश में है। कहा कि वाहनों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है, लेकिन सड़कों का दायरा कई वर्ष पुराना है। ऊना शहर में भी यातायात जाम की यही मुख्य वजह है। कहा कि पुलिसकर्मी लगातार मुख्य चौक चौराहों पर तैनात हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यातायात के अलावा जिले में बीते कुछ समय से डिजिटल फ्रॉड बेहद अधिक हो रहे हैं। लोग अनजाने में ओटीपी बता रहे हैं या लिंक पर क्लिक कर रहे हैं। लोग सजग रहें और ओटीपी साझा न करें।
खनन रोकने के पूरे प्रयास
राकेश सिंह ने बताया कि जिला में खनन रोकने के पूरे प्रयास किए जा रहे। कर्मियों की कमी बड़ी चुनौती है। पहले उनके पास दो टीमें खनन के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिजर्व थीं लेकिन चुनाव ड्यूटी व अन्य गतिविधियों के कारण वह टीमें हटा ली गईं। सरकार से दोबारा उन टीमों को तैनात करने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि मंगलवार रात को वह स्वयं हरोली के जेजों व अन्य इलाकों में खनन के खिलाफ कार्रवाई करने गए।