तीन साल पहले नेताओं ने क्षेत्र को एक अत्याधुनिक बस अड्डा देने का दिलाया था भरोसा
घोषणा सिर्फ कागजों तक सीमित, सरकार ने निभाई केवल औपचारिकताएं
जोगिंद्र देव आर्य
थानाकलां (ऊना)। तीन साल पहले 3 जनवरी 2022 को बंगाणा बस स्टैंड के शिलान्यास का समारोह हुआ था। इलाके में उत्साह का माहौल था। मंच सजा था, फूल बरसाए जा रहे थे और नेताओं ने भरोसा दिलाया था कि जल्द ही क्षेत्र को एक अत्याधुनिक बस अड्डा मिलेगा। लेकिन, 2025 में आज तक न कोई निर्माण शुरू हुआ और न ही एक ईंट रखी गई। इससे क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। शिलान्यास कार्यक्रम में तत्कालीन परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री वीरेंद्र कंवर मौजूद थे। उन्होंने एलान किया था कि 3 करोड़ रुपये की लागत से बस स्टैंड बनेगा और 6 महीने के भीतर जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। आज तीन साल बाद भी यह घोषणा सिर्फ कागजों तक सीमित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार ने केवल औपचारिकता निभाई और जनता को गुमराह किया। सूत्रों के अनुसार परियोजना की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तो बन गई थी, लेकिन फंड कभी जारी नहीं हुआ। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एनके लखनपाल का कहना है कि बजट नहीं आया, जबकि जिला परिवहन कार्यालय भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया। डुमखर गांव के दुकानदार सुरेश कहते हैं कि बस स्टैंड बनने से व्यवसाय बढ़ता, यात्री रुकते। अब सब कुछ अधर में है। बस चालक राजीव कुमार का कहना है कि खुले में यात्रियों को चढ़ाना-उतारना खतरनाक है। कोई हादसा हो गया तो जवाबदेह कौन होगा। स्कूली छात्रा निधि बताती हैं कि बस स्टैंड न होने से बारिश और धूप में खुले में खड़ा रहना पड़ता है। कोई भी सुविधा नहीं है। वृद्ध रामलाल नाराजगी जताते हैं कि यह जनता के साथ धोखा है। तीन साल से बस एक पत्थर ही पड़ा है। बंगाणा के युवा सोशल मीडिया पर सरकार से जवाब मांग रहे हैं। बंगाणा बस स्टैंड बनाओ। छात्र संगठनों ने प्रदर्शन की चेतावनी दी है। कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता सुदेश कुमार का कहना है कि भाजपा सरकार ने बस स्टैंड शिलान्यास तक सीमित रखकर जनता को धोखा दिया है। बंगाणा बस स्टैंड इसका जीवंत उदाहरण है। भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष चरणजीत शर्मा का कहना है कि वर्तमान सरकार बस स्टैंड का निर्माण कराने में विफल रही है। कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा का कहना है कि बस स्टैंड के लिए उपयुक्त स्थान की तलाश है। बंगाणा बाजार के निकट बस स्टैंड बने, उसके लिए कार्रवाई जारी है।
पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर का कहना है कि बंगाणा बस स्टैंड के निर्माण के लिए साढ़े तीन करोड़ का बजट हमने कैबिनेट से स्वीकृत करवाया था। बस स्टैंड के लिए भूमि का स्थानांतरण भी हो चुका था, लेकिन वन विभाग से स्वीकृति (फॉरेस्ट क्लीयरेंस) न मिलने के कारण कार्य रुक गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार इस बस स्टैंड को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।