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Una News: दूरदराज के इलाकों में ड्यूटी ज्वाइन कर चुके अध्यापकों को वहीं देनी होंगी सेवाएं

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विभाग और सरकार के आदेश मानने वाले अध्यापकों ने कहा, हमारी गलती बताएं
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सात अप्रैल को 99 टीजीटी अध्यापकों के तबादले पर पांच दिन बाद अजीबो गरीब फैसला

संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय शिमला की ओर से बीती सात अप्रैल को प्रदेश के 99 टीजीटी अध्यापकों के तबादले जिले से बाहर कर दिए गए लेकिन शुक्रवार को इस फैसले में अजीबोगरीब बदलाव किया गया। आदेश के बावजूद रिलीव नहीं होने वाले टीजीटी अध्यापकों का तबादला रद्द कर दिया गया है। जबकि, आदेश को स्वीकार कर नए स्थान पर ज्वाइन कर चुके अध्यापकों से कहा गया कि आप सेवाएं जारी रखें। इस फैसले से रिलीव न होने वाले अध्यापकों को तो बड़ी राहत मिली, जबकि आदेश मानने वाले खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार बीती सात अप्रैल को निदेशालय की ओर से जारी आदेश में स्कूल मुखिया को तुरंत तबादला किए अध्यापकों को रिलीव करके अगले स्टेशन पर भेजने के सख्त आदेश मिले। इस दौरान कुछ स्कूलों ने तो विभाग और सरकार के आदेशों की पालना करते हुए अध्यापकों को रिलीव कर अगले स्टेशनों पर भेज दिया गया। अध्यापकों ने जिले के बाहर दूरदराज के इलाकों में जाकर अपनी हाजिरी भी दे दी। कई अध्यापक तो 500 किलोमीटर की दूरी तय कर और सरकारी आदेशों की पालना करते हुए ड्यूटी ज्वाइन कर गए। कुछ स्कूल प्रमुख ऐसे भी रहे, जिन्हें सरकार से राहत की आस थी। उन्होंने अध्यापकों को रिलीव नहीं किया और नए फैसले का इंतजार करते रहे। इस बीच शुक्रवार देर शाम निदेशालय के आदेश जारी हुए कि जो अध्यापक ड्यूटी ज्वाइन कर गए हैं, वे वहीं रहे। जिन्होंने अभी तक ज्वाइन नहीं किया, वे अपने पुराने स्टेशनों पर ही सेवाएं देते रहें। इस फैसले के बाद आदेश स्वीकार करने वाले अध्यापकों में रोष है। उनका कहना है कि क्या उन्होंने आदेश मानकर गुनाह किया। कहा कि उन्हें घर से कई सौ किलोमीटर दूर क्या सजा काटने के लिए भेजा गया। जबकि उन्होंने सरकार व विभाग का आदेश स्वीकार किया था। अगर नए आदेश दिए गए, तो वह सभी के लिए होने चाहिए थे।
उधर, हिमाचल प्रदेश अध्यापक संघ के राज्य अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान का कहना है कि इस संबंध में शिक्षा मंत्री से बात हुई है। उन्होंने इन आदेशों पर पुनर्विचार करने को कहा है। अब कब और कैसे करते हैं, यह तो सरकार ही जाने। हमने समस्या उनके सामने रख दी है।
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उप शिक्षा निदेशक प्रारंभिक ऊना सोमलाल धीमान ने कहा कि उच्च अधिकारियों के आदेशों की पालना करते हुए सात अप्रैल को जो तबादला आदेश हुए, उनका पालन किया गया। अब नए आदेशों के अनुसार उनका पालन करते हुए स्थिति अमल में लाई जाएगी।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि मामला उनके ध्यान में है। वह इस पर पुनर्विचार कर रहे हैं।
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