पंडोगा स्कूल में कक्षा के बाहर बैठ कर अध्यापक के आने का इंतजार करते बच्चे
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हरोली (ऊना)। दिन : सोमवार। समय : सुबह 08:45 बजे। स्थान : राजकीय प्राथमिक पाठशाला पंडोगा। पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थी स्कूल पहुंच रहे हैं। पहली बार स्कूल आए पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों के चेहरों पर उत्सुकता थी। अभिभावक जब घर जाने लगे तो बच्चे कुछ उदास हो गए। हैरानी की बात है कि बच्चे बिना किसी थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के स्कूल में दाखिल हुए।
गेट पर कोई अध्यापक उनकी जांच के लिए तैनात नहीं है। केवल एक महिला सफाई कर्मी कक्षाओं की साफ सफाई में जुटी हुई है। 9 बजे स्कूल की घंटी बज गई। कक्षाओं में झाड़ू लगाया जा रहा है। बच्चे खुद ही कक्षाओं में बैठ गए। पहली बार स्कूल आए पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों को तो यह समझ नहीं आया कि कहां बैठना है। सुबह 9 बजकर 5 मिनट पर अध्यापक दिलबाग सिंह स्कूटी पर स्कूल में दाखिल हुए। उनसे अव्यवस्था पर पूछा तो कहा कि अभी पर्याप्त व्यवस्था नहीं बन पाई है। वीरवार को साथ लगे सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक छात्र पॉजिटिव आ गया था, उसके बाद स्कूल बंद है।
सोमवार को स्कूल खुला तो बच्चों के लिए पर्याप्त व्यवस्था का समय नहीं बचा। करीब 9 बजकर 15 मिनट पर अध्यापिका ललिता कुमारी और दो अन्य अध्यापक भी स्कूल पहुंचे। पूछने पर बताया कि बस रास्ते में खराब हो गई थी। कहा कि पहली कक्षा में 29 विद्यार्थियों में से एक ही बच्चा स्कूल पहुंचा। दूसरी कक्षा के 17 बच्चों में से सात विद्यालय आए हैं। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक देवेंद्र चंदेल ने कहा कि अध्यापकों के देरी से आने का मामला उनकी जानकारी में नहीं है। सभी अध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि स्कूल में बच्चों के आने से पहले पहुंचे, ताकि कोविड एसओपी का उल्लंघन न हो।
पंडोगा स्कूल में नन्हे विद्यार्थी खेलते हुए- फोटो : Una
पंडोगा स्कूल में नन्हे विद्यार्थी खेलते हुए- फोटो : Una