ऊना। नगर परिषद ऊना को एक सात बाद भी स्थायी कार्यकारी अधिकारी नहीं मिल सका है। स्थायी कार्यकारी अधिकारी (ईओ) न होने से नगर परिषद के कार्यालय संबंधी कार्यों के साथ ही शहर में विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि ईओ का अतिरिक्त कार्यभार एसडीएम ऊना को दिया गया है। नगर परिषद अध्यक्ष और पार्षदों कई बार ईओ की स्थायी नियुक्ति की मांग विभागीय उच्चाधिकारियों के समक्ष उठा चुके हैं। लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला।
नगर परिषद ऊना में एक साल से सभी तरह की व्यवस्थाएं भरोसे से चल रही हैं। ईओ के तबादले के बाद शहर में होने वाले विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सरकार ने अधिकारियों के तबादले तो कर दिए, लेकिन उनके स्थान पर नए अधिकारियों की तैनाती नहीं की गई। इसके चलते शहर में लंबित नालों की चैनेलाइजेशन, सीवरेज लाइन सहित कई कार्यों की गति भी प्रभावित हो रहे हैं।
वर्तमान में नगर परिषद ऊना के कार्यकारी अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार एसडीएम ऊना को सौंपा गया है। मगर बीते चार माह से नगर परिषद की कोई बैठक नहीं हो पाई है। भाजपा समर्थित नगर परिषद ऊना की अध्यक्ष पुष्पा देवी ने कहा कि सरकार और विभाग से कार्यकारी अधिकारी की स्थायी तैनाती की मांग की जा रही है। मांग को लेकर जल्द नगर परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल विभागीय निदेशक और संबंधित विभाग के मंत्री से मिलेगा।
कार्यकारी अधिकारियों की कमी है
प्रदेश में कार्यकारी अधिकारियों की कमी है। अगर भविष्य में नई नियुक्तियां होती हैं तो नगर परिषद ऊना में प्राथमिकता के आधार पर स्थायी कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी।
- गोपाल चंद, निदेशक, शहरी विकास विभाग