भीषण गर्मी में पढ़ाई करने जातीं छात्राएं।
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जिले में पारा 42 डिग्री के पार पहुंच चुका है। इसका कहर सबसे अधिक स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं पर बरप रहा है। लेकिन, शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शायद अपने केबिन में गर्मी महसूस नहीं होती। इसीलिए, छात्रों के दर्द को कोई महसूस नहीं कर रहा है। नौनिहाल भयंकर गर्मी के बीच शिक्षा ग्रहण करने को विवश हो चुके हैं। उधर, अभिभावकों में भी नौनिहालों के प्रति चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।
शिक्षक संघों ने भी समयसारिणी बदलने की मांग की है। जिले में हर वर्ष गर्मी के बढ़ने से स्कूलों की समय सारिणी में बदलाव कर दिया जाता है। लेकिन, इस बार विभागीय अधिकारियों की निद्रा टूटने का नाम नहीं ले रही है, जबकि नौनिहालों पर भीषण गर्मी का कहर जमकर बरप रहा है। भीषण गर्मी के चलते नौनिहाल स्कूलों में चक्कर खाकर गिर रहे है, जिससे अभिभावकों की चिंता भी काफी बढ़ गई है।
अभिभावकों सुरेश कुमार, अंजना ठाकुर, देवेंद्र, राजेश राणा, अजय कुमार, राज कुमार और विपिन कुमार का कहना है कि गर्मी के चलते स्कूलों के समय में कटौती कर सुबह साढ़े सात से साढ़े बारह बजे तक कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौसम की मार से नौनिहालों को बचाने का यही एकमात्र उपाय है।
उधर, उपायुक्त यूनुस का कहना है कि मामले के संदर्भ में विभागीय अधिकारियों से जल्द बात की जाएगी, जिससे भयंकर गर्मी में नौनिहालों को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।