आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत चलेगी कार्रवाई
बरसात के पानी से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए उठाए सख्त कदम
निजी भूमि होने पर भी नहीं रोक नहीं सकते बरसात के पानी का बहाव
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। बरसात के दौरान जल बहाव में बाधा डालने वालों पर अब जिला प्रशासन सख्त रुख अपनाएगा। इस संबंध में आपदा प्रबंधन अधिनियम (डीएम एक्ट) के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने इसके लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। शहरी क्षेत्रों में यह कार्रवाई हिमाचल प्रदेश म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट 154 (1)(c) के तहत होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 152 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सभी उपमंडल अधिकारियों (एसडीएम) को इस बाबत निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
भारी नुकसान के बाद प्रशासन सख्त
जिले में इस बरसात के दौरान करीब सवा एक अरब रुपये का नुकसान दर्ज किया गया। वहीं, ऊना शहर में जलभराव से लोगों को करोड़ों रुपये की क्षति उठानी पड़ी। जांच में पाया गया कि अधिकतर नुकसान का मुख्य कारण पानी की सही निकासी न होना रहा। कई लोग अपनी निजी भूमि का हवाला देकर नालों या निकासी मार्गों को अवरुद्ध कर देते हैं। इससे पानी अपना रास्ता बदलकर बस्तियों और मकानों में घुस जाता है, जिससे भारी नुकसान होता है। प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि यदि कहीं इस प्रकार की समस्या आती है तो ग्रामीण क्षेत्र में एसडीएम और शहरी क्षेत्र में नगर निकाय के अधिकारियों को तुरंत सूचित करें। नियमों के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कोट
बरसात के पानी के बहाव को रोकने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई होगी। इसके लिए सभी अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। -महेंद्र पाल गुर्जर, अतिरिक्त उपायुक्त ऊना