ऊना। नगर परिषद ऊना की लचर कार्यप्रणाली के कारण शहर में बढ़ रही आवारा कुत्तों की नसबंदी अभियान ठंडा पड़ गया है। नगर परिषद ऊना ने दावा किया था कि 15 जनवरी के बाद शहर में घूमने वाले आवारा कुत्तों की नसबंदी की जाएगी। मगर दावे के नसबंदी का कार्य अवार्ड करने के बाद अभियान शुरू नहीं हो पाया है। अब मार्च में नसबंदी अभियान शुरू करने की बात कही जा रही है।
अमर उजाला शहर में बढ़ रहे आवारा कुत्तों के आतंक को लेकर विशेष अभियान चलाया था। इस दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में घूमने वाले आवारा कुत्तों से लेकर नगर परिषद की अव्यवस्थाओं को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। सात जनवरी को नगर परिषद ने समाचारों को गंभीरता से लेते हुए नसबंदी अभियान चलाने का दावा किया था।
नसबंदी अभियान शुरू करने के लिए अभी तक केवल निजी कंपनी को कार्य ही अवार्ड हो सका है। मगर निजी कंपनी अभी अभियान को धरातल पर शुरू नहीं कर पाई है। अभियान के तहत शहर में घूमने वाले आवारा कुत्तों को पकड़ कर मलाहत स्थित केंद्र में नसबंदी की जानी थी। इसके साथ ही नगर परिषद की ओर से कुत्तों की गणना भी करवाई जानी थी। मगर अभी तक यह सिर्फ नगर परिषद के दावे ही साबित हो रहे हैं।
नगर परिषद ने आवारा कुत्तों की नसबंदी का एक निजी कंपनी को काम अवार्ड कर दिया है। मार्च से मलाहत में नसबंदी की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा। निजी कंपनी को जल्द काम शुरू करने के लिए कहा गया है।
-पुष्पा देवी, अध्यक्ष नगर परिषद ऊना।